पहले खाया जहर, फिर उस्तरे से काट ली हाथ की नश, व्यापारी ने सुसाइड नोट में लिखी ये बात

पहले खाया जहर, फिर उस्तरे से काट ली हाथ की नश, व्यापारी ने सुसाइड नोट में लिखी ये बात

Meerut Crime News: मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के किशनपुरी इलाके में शनिवार रात 56 साल के अविवाहित व्यापारी अतुल जैन ने अपनी जान दे दी। पुलिस के अनुसार, वे लंबे समय से पैरालाइसिस से पीड़ित थे। दोनों टांगें काम नहीं कर रही थीं। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है।

घटना कैसे हुई?

शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे अतुल जैन घर के बाहरी कमरे में थे। उनका भतीजा प्रफुल्ल मंदिर से लौटा तो उन्हें बेड पर पड़ा देखा। उनके हाथ से खून बह रहा था और मुंह से झाग निकल रहा था। प्रफुल्ल ने शोर मचाया तो पूरे परिवार वाले दौड़े आए। सबने मिलकर उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों को संदेह है कि अतुल जैन ने जहर खाया और नस भी काटी। कमरे से एक नया उस्तरा मिला है। छोटे भाई अमित जैन ने बताया कि दोपहर में अतुल जैन रिक्शे से बाजार गए थे। वहीं से उन्होंने यह उस्तरा खरीदा था। पिछले कुछ दिनों में वे कई बार गिर चुके थे, जिससे चोटें लगीं और परेशानी बढ़ गई थी।

पैरालाइसिस ने की थी परेशान

अतुल जैन कबाड़ी बाजार में रस्सी और अन्य सामान की दुकान चलाते थे। पैरालाइसिस के कारण चलना-फिरना मुश्किल हो गया था। एक कर्मचारी उन्हें स्कूटी से दुकान तक लाता और ले जाता था। बार-बार गिरने और खुद को लाचार महसूस करने से वे बहुत परेशान रहने लगे थे। परिवार का कहना है कि बीमारी ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था।

1993 के हमले से शुरू हुई तबीयत खराब

अमित जैन ने बताया कि साल 1993 में ईद के दिन देहली गेट के पास अज्ञात लोगों ने अतुल जैन पर हमला किया था। इस हमले में उनके सिर में गंभीर चोट आई। उसके बाद से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। कुछ समय बाद पैरालाइसिस हो गया और वे बिस्तर पर ही रहने लगे। एसपी सिटी ने कहा कि शुरुआती जांच में बीमारी और परेशानी के कारण सुसाइड की बात सामने आई है। सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अभी तक किसी अन्य कारण का पता नहीं चला है। परिवार को इस घटना से बहुत सदमा लगा है।

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