बाराबंकी पुलिस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ‘यक्ष एप’ के माध्यम से पहली बड़ी सफलता मिली है। इस एप का उपयोग कर मंदिर चोरी के एक मामले में एक हिस्ट्रीशीटर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी से पूछताछ में लखनऊ में हुई एक अन्य चोरी का भी खुलासा हुआ है। यह घटना 31 मार्च को सतरिख के मंजीठा स्थित खाटू श्याम मंदिर में हुई थी। चोरों ने मंदिर के दान पात्र को तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा, मंदिर परिसर के एक कमरे से नकदी, मोबाइल फोन, पर्स और चाबी समेत लगभग 5 लाख रुपये का सामान चुरा लिया गया था। जांच के दौरान, पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध युवक का धुंधला चेहरा दिखाई दिया। इस तस्वीर को ‘यक्ष एप’ पर अपलोड किया गया। AI आधारित इस एप ने तत्काल आरोपी की पहचान कर उसके आपराधिक रिकॉर्ड को सामने ला दिया। थाना प्रभारी डीके सिंह के अनुसार, आरोपी की पहचान रसूलपुर आलमपुर निवासी रामू गौतम के रूप में हुई है। रामू गौतम थाने का हिस्ट्रीशीटर नंबर 44-ए है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से 8 स्मार्टफोन, 5200 रुपये नकद, एक बिना नंबर की अपाचे बाइक और मंदिर से चोरी किया गया चाबी का गुच्छा बरामद किया है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने लखनऊ में भी एक चोरी की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि ‘यक्ष एप’ फोटो, वीडियो और आवाज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में सक्षम है। इसमें मौजूद “क्राइम जीपीटी” फीचर जांच अधिकारियों को मामले सुलझाने के लिए संभावित दिशा-निर्देश भी प्रदान करता है। पुलिस का मानना है कि आने वाले समय में ‘यक्ष एप’ अपराध नियंत्रण और जांच में एक महत्वपूर्ण उपकरण साबित होगा, जिससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया और अधिक तेज तथा सटीक हो सकेगी।


