मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र के भवानीपुर जिरात में बीती रात स्कॉर्पियो पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला जमीनी विवाद से जुड़ा पाया गया है, जिसमें वाहन में सवार लोग बाल-बाल बच गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए, एसपी स्वेन प्रभात ने सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया। जांच के दौरान सामने आया कि चांदमारी निवासी कार्तिकेय और भवानीपुर जिरात के प्रियरंजन शर्मा के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच फोन पर तीखी नोकझोंक हुई थी पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन शाम को दोनों पक्षों के बीच फोन पर तीखी नोकझोंक हुई थी। इसके बाद कार्तिकेय अपने भाई और कुछ साथियों के साथ प्रियरंजन शर्मा के घर पहुंचा और हंगामा करने लगा। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद प्रियरंजन शर्मा की ओर से लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग की गई। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसे जांच में अहम साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रियरंजन शर्मा को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। साथ ही, उनकी दोनों लाइसेंसी बंदूकें और कारतूस भी जब्त कर लिए गए हैं। दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि फायरिंग जब्त किए गए हथियारों से ही हुई थी या नहीं। पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मोतिहारी के छतौनी थाना क्षेत्र के भवानीपुर जिरात में बीती रात स्कॉर्पियो पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला जमीनी विवाद से जुड़ा पाया गया है, जिसमें वाहन में सवार लोग बाल-बाल बच गए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए, एसपी स्वेन प्रभात ने सदर डीएसपी वन दिलीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया। जांच के दौरान सामने आया कि चांदमारी निवासी कार्तिकेय और भवानीपुर जिरात के प्रियरंजन शर्मा के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच फोन पर तीखी नोकझोंक हुई थी पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन शाम को दोनों पक्षों के बीच फोन पर तीखी नोकझोंक हुई थी। इसके बाद कार्तिकेय अपने भाई और कुछ साथियों के साथ प्रियरंजन शर्मा के घर पहुंचा और हंगामा करने लगा। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद प्रियरंजन शर्मा की ओर से लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग की गई। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसे जांच में अहम साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रियरंजन शर्मा को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। साथ ही, उनकी दोनों लाइसेंसी बंदूकें और कारतूस भी जब्त कर लिए गए हैं। दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि फायरिंग जब्त किए गए हथियारों से ही हुई थी या नहीं। पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहन जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


