लोको पायलट की हत्या मामले में 9 लोगों पर FIR:नौकरी ज्वाइन करने से पहले भी चली थी गोली; डेढ़ करोड़ की जमीन को लेकर था झगड़ा

लोको पायलट की हत्या मामले में 9 लोगों पर FIR:नौकरी ज्वाइन करने से पहले भी चली थी गोली; डेढ़ करोड़ की जमीन को लेकर था झगड़ा

समस्तीपुर में मोरवा के गुनाई बसही निवासी लोको पायलट प्रोमद कापर हत्या मामले में आज पत्नी गीताजंलि देवी ने एफआईआर दर्ज कराई है। इन्होंने गांव के ही 9 लोगों को नामजद किया गया है। हालांकि इस मामले में किन-किन लोगों को नामजद किया गया है इसके बारे में ना परिवार के लोग कुछ बोल रहे हैं न ही पुलिस कुछ बता रही है। बता दें कि लोको पायलट के नौकरी ज्वाइन करने से पहले भी उन पर गोली चली थी। डेढ़ करोड़ की जमीन को लेकर इनका गांव के कुछ लोगों से झगड़ा था। पुलिस और परिवार को डर है नाम आउट होने पर आरोपी फरार हो जाएंगे। पुलिस सूत्रो ने बताया कि प्राथमिकी में आरोप है कि लोको पायलट के चचेरे भाई मंजीत सहनी ने गांव में तीन चार प्लौट(करीब डेढ़ करोड़) की खरीदारी की थी। जिस कारण गांव के ही कुछ लोगों से उसका विवाद चल रहा था। मंजीत के काम में प्रमोद उसकी मदद करता था। जिससे मंजीत का विरोधी प्रमोद से नाराज हो गये थे। कुछ दिन पहले मंजीत के घर पर चढ कर धमकी भी दी थी। परिवार के लोगों का मानना है कि मंजीत को स्पोर्ट करने के कारण ही उसकी हत्या हुई है। प्रमोद धमकी को नजरअंदाज कर रहा है। जिस कारण उसने कभी पुलिस को जानकारी नहीं दी। वह गांव में कम ही रहता था। समस्तीपुर में ड्यूटी के बाद शहर के बंगाली टोला में निजी डेरा लेकर अकेले रहता था। दिन में अक्सर घर जाता था। नौकरी में आने से पहले भी प्रमोद पर वैशाली में चली थी गोली गांव के लोगों का बताना है कि जब प्रमोद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी वैशाली में कर रहा था। वहीं पर वह एक कोचिंग में पढ़ाते भी थे। उस दौरान भी उनपर गोली चली थी। गोली लगने के बाद भी वह बाल बाल बच गए थे। इसी दौरान उनकी शादी भी हुई थी। लेकिन बाद के दिनों में पहली पत्नी से विवाद हो गया और दोनों अलग हो गए। 2014 में उन्हें रेलवे में लोको पायलट की नौकरी हो गई। उनकी पोस्टिंग रांची के पास थी। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की। तीन साल पहले वह ट्रांसफर लेकर समस्तीपुर पहुंचे हैं। शुक्रवार रात 10 बजे ड्यूटी किया था ऑफ लोको पायलट की पत्नी ने पुलिस को बताया है कि शुक्रवार रात 10 बजे वह ड्यूटी खत्म करने के बाद उन्हें फोन किया था। उन्होंने कहा था कि खाना बनाओं मैं घर आ रहा हूं। लेकिन देर रात तक नहीं पहुंचे उन्हें लगा कि वह समस्तीपुर डेरा पर रूक गए हैं। सुबह में उन्हें फोन किया तो फोन बज रहा था, लेकिन उन्होंने नहीं उठाया। कुछ देर बाद फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि वे लोग मॉनिंग वॉक कर रहे हैं। जिनका फोन है उनकी लाश पड़ी हुई उनकी मौत हो चुकी है। जिसके बाद हम लोगों को जानकारी मिली। पूर्व मंत्री और विधायक मिलने पहुंचे मृतक लोको पायलट के परिजनों से स्थानीय विधायक रणविजय साहू, पूर्व मंत्री व विधायक आलोक कुमार मेहता मृतक के परिजनों से मिलने के लिए पहुंचे। परिवार के लोगो से मिलकर उन्हें ढांढस बधाया। मौके पर पूर्व मंत्री ने एसपी से बात कर जल्द कार्रवाई की मांग की। एएसपी संजय पांडेय ने कहा कि इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। घटना के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आ रही है। परिवार के लोग भी इसी को कारण बता रहे हैं। आरोपी गांव के ही है कि उनकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। समस्तीपुर में मोरवा के गुनाई बसही निवासी लोको पायलट प्रोमद कापर हत्या मामले में आज पत्नी गीताजंलि देवी ने एफआईआर दर्ज कराई है। इन्होंने गांव के ही 9 लोगों को नामजद किया गया है। हालांकि इस मामले में किन-किन लोगों को नामजद किया गया है इसके बारे में ना परिवार के लोग कुछ बोल रहे हैं न ही पुलिस कुछ बता रही है। बता दें कि लोको पायलट के नौकरी ज्वाइन करने से पहले भी उन पर गोली चली थी। डेढ़ करोड़ की जमीन को लेकर इनका गांव के कुछ लोगों से झगड़ा था। पुलिस और परिवार को डर है नाम आउट होने पर आरोपी फरार हो जाएंगे। पुलिस सूत्रो ने बताया कि प्राथमिकी में आरोप है कि लोको पायलट के चचेरे भाई मंजीत सहनी ने गांव में तीन चार प्लौट(करीब डेढ़ करोड़) की खरीदारी की थी। जिस कारण गांव के ही कुछ लोगों से उसका विवाद चल रहा था। मंजीत के काम में प्रमोद उसकी मदद करता था। जिससे मंजीत का विरोधी प्रमोद से नाराज हो गये थे। कुछ दिन पहले मंजीत के घर पर चढ कर धमकी भी दी थी। परिवार के लोगों का मानना है कि मंजीत को स्पोर्ट करने के कारण ही उसकी हत्या हुई है। प्रमोद धमकी को नजरअंदाज कर रहा है। जिस कारण उसने कभी पुलिस को जानकारी नहीं दी। वह गांव में कम ही रहता था। समस्तीपुर में ड्यूटी के बाद शहर के बंगाली टोला में निजी डेरा लेकर अकेले रहता था। दिन में अक्सर घर जाता था। नौकरी में आने से पहले भी प्रमोद पर वैशाली में चली थी गोली गांव के लोगों का बताना है कि जब प्रमोद प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी वैशाली में कर रहा था। वहीं पर वह एक कोचिंग में पढ़ाते भी थे। उस दौरान भी उनपर गोली चली थी। गोली लगने के बाद भी वह बाल बाल बच गए थे। इसी दौरान उनकी शादी भी हुई थी। लेकिन बाद के दिनों में पहली पत्नी से विवाद हो गया और दोनों अलग हो गए। 2014 में उन्हें रेलवे में लोको पायलट की नौकरी हो गई। उनकी पोस्टिंग रांची के पास थी। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की। तीन साल पहले वह ट्रांसफर लेकर समस्तीपुर पहुंचे हैं। शुक्रवार रात 10 बजे ड्यूटी किया था ऑफ लोको पायलट की पत्नी ने पुलिस को बताया है कि शुक्रवार रात 10 बजे वह ड्यूटी खत्म करने के बाद उन्हें फोन किया था। उन्होंने कहा था कि खाना बनाओं मैं घर आ रहा हूं। लेकिन देर रात तक नहीं पहुंचे उन्हें लगा कि वह समस्तीपुर डेरा पर रूक गए हैं। सुबह में उन्हें फोन किया तो फोन बज रहा था, लेकिन उन्होंने नहीं उठाया। कुछ देर बाद फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि वे लोग मॉनिंग वॉक कर रहे हैं। जिनका फोन है उनकी लाश पड़ी हुई उनकी मौत हो चुकी है। जिसके बाद हम लोगों को जानकारी मिली। पूर्व मंत्री और विधायक मिलने पहुंचे मृतक लोको पायलट के परिजनों से स्थानीय विधायक रणविजय साहू, पूर्व मंत्री व विधायक आलोक कुमार मेहता मृतक के परिजनों से मिलने के लिए पहुंचे। परिवार के लोगो से मिलकर उन्हें ढांढस बधाया। मौके पर पूर्व मंत्री ने एसपी से बात कर जल्द कार्रवाई की मांग की। एएसपी संजय पांडेय ने कहा कि इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। घटना के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आ रही है। परिवार के लोग भी इसी को कारण बता रहे हैं। आरोपी गांव के ही है कि उनकी गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।  

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