संतकबीरनगर। खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के भदाह चौराहे पर हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के पास से तीन पिस्टल, कट्टा, छह कारतूस, एक 315 बोर तमंचा, दो कारतूस, एक चाकू और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद हुई है। कोतवाली प्रभारी जय प्रकाश दूबे ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर एसओजी की संयुक्त टीम ने महामाया पॉलीटेक्निक बालूशासन के पश्चिम स्थित एक बाग के पास से बाइक सवार तीन आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान ऊनखास निवासी कृष्णा यादव, राउतपार निवासी हरिओम पासवान और ऐंचाकाट निवासी विपिन भारती उर्फ कट्टा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान कृष्णा यादव के पास से 32 बोर की पिस्टल और दो कारतूस, हरिओम पासवान के पास से 32 बोर की पिस्टल और एक कारतूस, जबकि विपिन भारती के पास से 315 बोर का तमंचा और दो कारतूस बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, दोनों गुटों के बीच पिछले तीन साल से वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। 27 फरवरी को आरोपियों को सूचना मिली थी कि प्रियांशु दूबे भदाह चौराहे स्थित इंटर कॉलेज में किसी को परीक्षा दिलाने आएंगे। योजना के तहत आरोपी पहले से ही वहां मौजूद थे। प्रियांशु के पहुंचते ही कृष्णा यादव ने दौड़ाकर पिस्टल से फायरिंग की, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। ये हैं ऊंनखास निवासी प्रेम प्रकाश सिंह और बस्ती जनपद के मुंडेरवा स्थित सोनखर निवासी शेषनाथ तिवारी। इन्हें इंडस्ट्रियल एरिया से पकड़ा गया। तलाशी के दौरान प्रेम प्रकाश सिंह के पास से 32 बोर की पिस्टल और तीन कारतूस, जबकि शेषनाथ तिवारी के पास से एक चाकू बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि घटना में प्रयुक्त बाइक हरिओम पासवान की थी, जिसे मोटर वाहन अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, 2019 में कृष्णा यादव के पिता लवकुश यादव की हत्या हुई थी, जिसके बाद से ही दोनों गुटों के बीच बदले की भावना से वर्चस्व की यह लड़ाई चल रही है।


