मधुबनी के लखनौर थाना क्षेत्र के कछुआ गांव में एक महिला के घर पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अररिया संग्राम थाना के रघुनन्दनपुर गांव निवासी ललित कांत ठाकुर के पुत्र बादल कुमार के रूप में हुई है। मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। एसपी ने बताया कि यह घटना लखनौर थाना क्षेत्र के कछुआ गांव में दो पक्षों के बीच पुराने विवाद के कारण हुई थी। आरोपी ने महिला रेनू देवी, पति हरिशचंद्र मिश्रा के घर के दरवाजे पर चार राउंड गोली चलाई थी। इस घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत या घायल नहीं हुआ। पुलिस ने घटनास्थल से चार खाली खोखे बरामद किए। जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम को भी बुलाया गया था। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, झंझारपुर के नेतृत्व में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में, गुप्त सूचना के आधार पर नामजद आरोपी बादल कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मधुबनी के लखनौर थाना क्षेत्र के कछुआ गांव में एक महिला के घर पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अररिया संग्राम थाना के रघुनन्दनपुर गांव निवासी ललित कांत ठाकुर के पुत्र बादल कुमार के रूप में हुई है। मधुबनी के एसपी योगेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। एसपी ने बताया कि यह घटना लखनौर थाना क्षेत्र के कछुआ गांव में दो पक्षों के बीच पुराने विवाद के कारण हुई थी। आरोपी ने महिला रेनू देवी, पति हरिशचंद्र मिश्रा के घर के दरवाजे पर चार राउंड गोली चलाई थी। इस घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत या घायल नहीं हुआ। पुलिस ने घटनास्थल से चार खाली खोखे बरामद किए। जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम को भी बुलाया गया था। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, झंझारपुर के नेतृत्व में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में, गुप्त सूचना के आधार पर नामजद आरोपी बादल कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।


