करनाल जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शहर के विभिन्न निजी स्कूलों में स्कूली बसों की जांच के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई। डॉक्यूमेंट और जरूरी इक्यूपमेंट में कमियां मिलने पर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने साफ किया कि सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के नियमों का पालन हर हाल में जरूरी है और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष टीम गठित बता दे कि बुधवार को एसडीएम करनाल प्रदीप कुमार के आदेशानुसार स्कूली बसों की सुरक्षा मानकों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने शहर के अलग-अलग स्कूलों में जाकर बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान बसों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। बसों में जरूरी सेफ्टी उपरकरण पूरे नहीं मिले चेकिंग के दौरान टीम ने बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्रों की स्थिति को परखा। जांच में कई बसों में तकनीकी खामियां और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाई गई। कुछ बसों में जरूरी सेफ्टी उपरकरण पूरे नहीं मिले। नियम तोड़ने पर मौके पर ही चालान इस दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली बसों पर तुरंत कार्रवाई की गई। टीम ने मौके पर ही कुल 43 हजार रुपये के ऑनलाइन चालान काटे। स्कूल प्रबंधन को भविष्य में ऐसी लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी गई। जारी रहेगा अभियान एसडीएम प्रदीप कुमार ने कहा कि अभियान का उद्देश्य सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को सख्ती से लागू करना है। सभी स्कूल यह सुनिश्चित करें कि उनकी बसें परिवहन विभाग के मानकों के अनुरूप हों। उन्होंने कहा कि इस तरह के चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।


