हरदोई के लोनार थाना क्षेत्र में गर्रा पुल के पास एक बाढ़ पीड़ित परिवार की झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इस अग्निकांड में परिवार का सारा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार ने दो स्थानीय व्यक्तियों पर जानबूझकर आग लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन दो घंटे तक दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक अनाज, कपड़े और बिस्तर सहित पूरा सामान जलकर खाक हो चुका था। पीड़ित वंशगोपाल उर्फ टुइया ने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ में उनका पुश्तैनी मकान नदी में बह गया था। बेघर होने के बाद वे अपने परिवार के साथ गर्रा पुल के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। यह झोपड़ी ही उनका एकमात्र सहारा थी। वंशगोपाल और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह आग एक हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने दो स्थानीय व्यक्तियों पर जानबूझकर उनकी झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। घटना स्थल पर महिलाएं और बच्चे रोते हुए देखे गए। सूचना मिलने पर लोनार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगजनी के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं, विशेषकर फायर सर्विस की तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि समय पर मदद नहीं पहुंचने से नुकसान बढ़ गया।


