भागलपुर में अलर्ट मोड पर अग्निशमन विभाग:गर्मी में बढ़ती अगलगी की घटनाएं, 24 घंटे कर्मी तैनात; एक कॉल पर पहुंचेंगी टीम

भागलपुर में अलर्ट मोड पर अग्निशमन विभाग:गर्मी में बढ़ती अगलगी की घटनाएं, 24 घंटे कर्मी तैनात; एक कॉल पर पहुंचेंगी टीम

भागलपुर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही आग लगने की घटनाओं में इजाफा होने लगा है। तापमान बढ़ते ही खासकर सूखे इलाकों, झोपड़ीनुमा बस्तियों, खेत-खलिहानों और बाजार क्षेत्रों में अगलगी का खतरा अधिक हो जाता है। स्थिति को देखते हुए भागलपुर अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। विभाग के अधिकारी और कर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। चौबीसों घंटे कर्मियों की तैनाती जिला अग्निशमन पदाधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल चार बड़ी दमकल गाड़ियां और नौ छोटी दमकल वाहन उपलब्ध हैं। सभी वाहनों को पूरी तरह क्रियाशील रखा गया है। कंट्रोल रूम में भी चौबीसों घंटे कर्मियों की तैनाती रहती है। आग लगने की सूचना मिलते ही नजदीकी फायर स्टेशन से टीम को तुरंत रवाना कर दिया जाता है, ताकि कम से कम समय में आग पर काबू पाया जा सके। हालांकि, विभाग के सामने फॉल्स कॉल एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। पदाधिकारी ने बताया कि कई बार असामाजिक तत्व या शरारती लोग झूठी सूचना देकर दमकल गाड़ियों को बुला लेते हैं। जब टीम मौके पर पहुंचती है, तो वहां आग की कोई घटना नहीं होती। ऐसी स्थितियों में न केवल समय और ईंधन की बर्बादी होती है, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में देरी की आशंका भी बढ़ जाती है। अभय कुमार सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल वास्तविक आगजनी की स्थिति में ही सूचना दें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली के तारों की जांच, गैस सिलेंडर का सावधानीपूर्वक उपयोग, शॉर्ट सर्किट से बचाव और ज्वलनशील पदार्थों को खुले में न रखने जैसे एहतियाती उपाय जरूर अपनाएं। भागलपुर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही आग लगने की घटनाओं में इजाफा होने लगा है। तापमान बढ़ते ही खासकर सूखे इलाकों, झोपड़ीनुमा बस्तियों, खेत-खलिहानों और बाजार क्षेत्रों में अगलगी का खतरा अधिक हो जाता है। स्थिति को देखते हुए भागलपुर अग्निशमन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। विभाग के अधिकारी और कर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। चौबीसों घंटे कर्मियों की तैनाती जिला अग्निशमन पदाधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल चार बड़ी दमकल गाड़ियां और नौ छोटी दमकल वाहन उपलब्ध हैं। सभी वाहनों को पूरी तरह क्रियाशील रखा गया है। कंट्रोल रूम में भी चौबीसों घंटे कर्मियों की तैनाती रहती है। आग लगने की सूचना मिलते ही नजदीकी फायर स्टेशन से टीम को तुरंत रवाना कर दिया जाता है, ताकि कम से कम समय में आग पर काबू पाया जा सके। हालांकि, विभाग के सामने फॉल्स कॉल एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। पदाधिकारी ने बताया कि कई बार असामाजिक तत्व या शरारती लोग झूठी सूचना देकर दमकल गाड़ियों को बुला लेते हैं। जब टीम मौके पर पहुंचती है, तो वहां आग की कोई घटना नहीं होती। ऐसी स्थितियों में न केवल समय और ईंधन की बर्बादी होती है, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में देरी की आशंका भी बढ़ जाती है। अभय कुमार सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल वास्तविक आगजनी की स्थिति में ही सूचना दें। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली के तारों की जांच, गैस सिलेंडर का सावधानीपूर्वक उपयोग, शॉर्ट सर्किट से बचाव और ज्वलनशील पदार्थों को खुले में न रखने जैसे एहतियाती उपाय जरूर अपनाएं।  

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