अररिया के रानीगंज मार्ग पर जयप्रकाश नगर स्थित एसएसबी कैंप के निकट एक मुर्गा दुकान में गैस सिलेंडर में आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन दुकानदार, स्थानीय निवासियों और अग्निशमन दल की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। गनीमत रही कि इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई गंभीर रूप से चोटिल हुआ। दुकान मालिक रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि वे दुकान में गैस चूल्हे पर मुर्गे को धोने के लिए पानी गर्म कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई और लपटें तेजी से भड़क उठीं। रंजीत ने तुरंत सिलेंडर को बाहर निकालने का प्रयास किया और आग बुझाने में जुट गए, लेकिन वे आग पर काबू नहीं पा सके। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी और अग्निशमन विभाग को फोन किया। सूचना मिलते ही अग्निशमन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण नियंत्रण पा लिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि आग पर थोड़ी देर में काबू न पाया जाता तो आसपास की दुकानों और घरों में फैलकर यह भयानक रूप ले सकती थी। इस सफल अभियान में अग्निशमन टीम के सदस्य चंदन शर्मा, दीपक कुमार, विनय पांडे, प्रकाश कुमार, नेहा कुमारी और सती कुमारी शामिल थे। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन दल की त्वरित कार्रवाई और साहस की सराहना की तथा उन्हें धन्यवाद दिया। यह घटना एक बार फिर गैस सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग और आपातकालीन तैयारी की आवश्यकता को रेखांकित करती है। बाजारों और दुकानों में सिलेंडरों की नियमित जांच, लीकेज की रोकथाम और अग्निशमन उपकरण रखना आवश्यक है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि ऐसी आपात स्थितियों में शांत रहकर तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित करें। अररिया के रानीगंज मार्ग पर जयप्रकाश नगर स्थित एसएसबी कैंप के निकट एक मुर्गा दुकान में गैस सिलेंडर में आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन दुकानदार, स्थानीय निवासियों और अग्निशमन दल की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। गनीमत रही कि इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही कोई गंभीर रूप से चोटिल हुआ। दुकान मालिक रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि वे दुकान में गैस चूल्हे पर मुर्गे को धोने के लिए पानी गर्म कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई और लपटें तेजी से भड़क उठीं। रंजीत ने तुरंत सिलेंडर को बाहर निकालने का प्रयास किया और आग बुझाने में जुट गए, लेकिन वे आग पर काबू नहीं पा सके। उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को सूचना दी और अग्निशमन विभाग को फोन किया। सूचना मिलते ही अग्निशमन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण नियंत्रण पा लिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि आग पर थोड़ी देर में काबू न पाया जाता तो आसपास की दुकानों और घरों में फैलकर यह भयानक रूप ले सकती थी। इस सफल अभियान में अग्निशमन टीम के सदस्य चंदन शर्मा, दीपक कुमार, विनय पांडे, प्रकाश कुमार, नेहा कुमारी और सती कुमारी शामिल थे। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन दल की त्वरित कार्रवाई और साहस की सराहना की तथा उन्हें धन्यवाद दिया। यह घटना एक बार फिर गैस सिलेंडरों के सुरक्षित उपयोग और आपातकालीन तैयारी की आवश्यकता को रेखांकित करती है। बाजारों और दुकानों में सिलेंडरों की नियमित जांच, लीकेज की रोकथाम और अग्निशमन उपकरण रखना आवश्यक है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि ऐसी आपात स्थितियों में शांत रहकर तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचित करें।


