शेखपुरा के चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत लहना गांव में बीती रात एक खलिहान में अचानक आग लग गई। इस घटना में खलिहान में रखा धान का अनाज और नेवारी के दो पुंज जलकर राख हो गए। आग लगने से लहना गांव के दो किसान शिवदानी ठाकुर और अरुण ठाकुर को भारी नुकसान हुआ है। उनकी कड़ी मेहनत से उपजाई गई धान की फसल देखते ही देखते जलकर राख हो गई। किसानों के अनुसार, उन्हें लगभग डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना स्थानीय थाना पुलिस और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद दमकल दस्ता भी घटनास्थल पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने आग फैलने से रोका हालांकि, दमकल के पहुंचने से पहले ही खलिहान में रखा अधिकांश धान जल चुका था। दमकल कर्मियों के प्रयासों से आग पर काबू पाया गया, जिससे आसपास के अन्य खलिहानों तक आग फैलने से रोक लिया गया। थानाध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पीड़ित किसानों ने इस संबंध में स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत सरकारी सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई हो सके। शेखपुरा के चेवाड़ा प्रखंड अंतर्गत लहना गांव में बीती रात एक खलिहान में अचानक आग लग गई। इस घटना में खलिहान में रखा धान का अनाज और नेवारी के दो पुंज जलकर राख हो गए। आग लगने से लहना गांव के दो किसान शिवदानी ठाकुर और अरुण ठाकुर को भारी नुकसान हुआ है। उनकी कड़ी मेहनत से उपजाई गई धान की फसल देखते ही देखते जलकर राख हो गई। किसानों के अनुसार, उन्हें लगभग डेढ़ लाख रुपए का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना स्थानीय थाना पुलिस और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद दमकल दस्ता भी घटनास्थल पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने आग फैलने से रोका हालांकि, दमकल के पहुंचने से पहले ही खलिहान में रखा अधिकांश धान जल चुका था। दमकल कर्मियों के प्रयासों से आग पर काबू पाया गया, जिससे आसपास के अन्य खलिहानों तक आग फैलने से रोक लिया गया। थानाध्यक्ष विनय कुमार ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पीड़ित किसानों ने इस संबंध में स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत सरकारी सहायता प्रदान करने की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई हो सके।


