लखीसराय के कजरा सोलर प्लांट में लगी आग:3 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया गया, सोलर प्लेट सुरक्षित

लखीसराय के कजरा सोलर प्लांट में लगी आग:3 घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया गया, सोलर प्लेट सुरक्षित

लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत कजरा स्थित निर्माणाधीन सोलर पावर प्लांट परिसर में गुरुवार को आग लग गई। आग पर लगभग तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया। दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ी आपदा टल गई और करोड़ों की लागत से तैयार होने वाले सोलर प्लेट्स सुरक्षित बचा लिए गए। आग प्लांट के उस हिस्से में लगी थी, जहां वर्तमान में सोलर प्लेट्स स्थापित नहीं की गई हैं और भूमि परती पड़ी है। गर्मी के कारण सूखी घास और लकड़ियों ने आग को तेजी से फैलाया, जिससे धुएं का गुबार आसमान में छा गया और अफरातफरी मच गई। सूर्यगढ़ा थाना और जिला मुख्यालय से बड़ी दमकल गाड़ियां मंगवाई स्थानीय लोगों और प्लांट कर्मियों ने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही सबसे पहले पीरी बाजार थाना से एक छोटी अग्निशमन गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि, आग की विकरालता को देखते हुए यह नाकाफी साबित हुई, जिसके बाद सूर्यगढ़ा थाना और जिला मुख्यालय से बड़ी दमकल गाड़ियां मंगवाई गईं। अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर पूर्णतः काबू पाया। समय पर की गई कार्रवाई के कारण आग को उस क्षेत्र में बढ़ने से रोक दिया गया, जहाँ सोलर प्लेट्स पहले ही इंस्टाल की जा चुकी हैं। इस घटना में किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। सूखी घास ने आग को तेजी से फैलने में मदद की आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, किसी राहगीर द्वारा जलती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंकने अथवा जंगली क्षेत्र में लकड़ियों के आपसी घर्षण से निकली चिंगारी को आग की मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में सूखी घास ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। जांच जारी है। लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत कजरा स्थित निर्माणाधीन सोलर पावर प्लांट परिसर में गुरुवार को आग लग गई। आग पर लगभग तीन से चार घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया। दमकल विभाग की तत्परता से एक बड़ी आपदा टल गई और करोड़ों की लागत से तैयार होने वाले सोलर प्लेट्स सुरक्षित बचा लिए गए। आग प्लांट के उस हिस्से में लगी थी, जहां वर्तमान में सोलर प्लेट्स स्थापित नहीं की गई हैं और भूमि परती पड़ी है। गर्मी के कारण सूखी घास और लकड़ियों ने आग को तेजी से फैलाया, जिससे धुएं का गुबार आसमान में छा गया और अफरातफरी मच गई। सूर्यगढ़ा थाना और जिला मुख्यालय से बड़ी दमकल गाड़ियां मंगवाई स्थानीय लोगों और प्लांट कर्मियों ने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही सबसे पहले पीरी बाजार थाना से एक छोटी अग्निशमन गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि, आग की विकरालता को देखते हुए यह नाकाफी साबित हुई, जिसके बाद सूर्यगढ़ा थाना और जिला मुख्यालय से बड़ी दमकल गाड़ियां मंगवाई गईं। अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए आग पर पूर्णतः काबू पाया। समय पर की गई कार्रवाई के कारण आग को उस क्षेत्र में बढ़ने से रोक दिया गया, जहाँ सोलर प्लेट्स पहले ही इंस्टाल की जा चुकी हैं। इस घटना में किसी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। सूखी घास ने आग को तेजी से फैलने में मदद की आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, किसी राहगीर द्वारा जलती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंकने अथवा जंगली क्षेत्र में लकड़ियों के आपसी घर्षण से निकली चिंगारी को आग की मुख्य वजह माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में सूखी घास ने आग को तेजी से फैलने में मदद की। जांच जारी है।  

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