जमुई के टाउन थाना क्षेत्र के भजौर गांव में अचानक लगी आग ने दो गरीब किसानों की सालभर की मेहनत को चंद मिनटों में राख कर दिया। इस घटना में सुरेंद्र सिंह और रंजीत तांती नामक किसानों को भारी नुकसान हुआ है। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सुरेंद्र सिंह और रंजीत तांती के धान के पुंज में अज्ञात कारणों से आग लग गई। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। घटना की सूचना मिलते ही गोलु सिंह और बबलु सिंह के प्रयास से अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक काफी नुकसान हो चुका था। बताया गया कि सुरेंद्र सिंह का लगभग 3 बीघा खेत का धान जलकर नष्ट हो गया, जबकि रंजीत तांती का करीब 10 हजार नेवारी धान का बंडल राख हो गया। दोनों परिवार आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित किसानों ने अंचलाधिकारी (सीओ) को आवेदन देकर उचित मुआवजे की मांग की है। दोनों परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं और इस नुकसान से उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर राहत राशि देने की अपील की है, ताकि प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते दमकल नहीं पहुंचती तो आग आसपास के अन्य खेतों और घरों तक फैल सकती थी। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रशासन से जांच की मांग भी उठने लगी है। जमुई के टाउन थाना क्षेत्र के भजौर गांव में अचानक लगी आग ने दो गरीब किसानों की सालभर की मेहनत को चंद मिनटों में राख कर दिया। इस घटना में सुरेंद्र सिंह और रंजीत तांती नामक किसानों को भारी नुकसान हुआ है। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सुरेंद्र सिंह और रंजीत तांती के धान के पुंज में अज्ञात कारणों से आग लग गई। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई। घटना की सूचना मिलते ही गोलु सिंह और बबलु सिंह के प्रयास से अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक काफी नुकसान हो चुका था। बताया गया कि सुरेंद्र सिंह का लगभग 3 बीघा खेत का धान जलकर नष्ट हो गया, जबकि रंजीत तांती का करीब 10 हजार नेवारी धान का बंडल राख हो गया। दोनों परिवार आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित किसानों ने अंचलाधिकारी (सीओ) को आवेदन देकर उचित मुआवजे की मांग की है। दोनों परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं और इस नुकसान से उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कर राहत राशि देने की अपील की है, ताकि प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते दमकल नहीं पहुंचती तो आग आसपास के अन्य खेतों और घरों तक फैल सकती थी। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन प्रशासन से जांच की मांग भी उठने लगी है।


