दरभंगा में दो जगह अगलगी, 6 घर जले:मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए जलाया था अलाव, चिंगारी से फैली आग

दरभंगा में दो जगह अगलगी, 6 घर जले:मवेशियों को ठंड से बचाने के लिए जलाया था अलाव, चिंगारी से फैली आग

दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के हाटी गांव में शुक्रवार की देर शाम अलाव से उठी चिंगारी ने भीषण आग का रूप ले लिया। अग्निकांड में 3 परिवारों के घर जलकर राख हो गए, जबकि तीन मवेशियों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। अनाज, कपड़े, बर्तन समेत लाखों रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई।
घटना शुक्रवार की देर शाम की बताई जा रही है। बताया जा रहा कि ललन मंडल के मवेशी को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलाया गया था। इसी दौरान अलाव की एक चिंगारी पास में रखे सूखे चारे पर गिर गई, जिससे आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में स्थित उनके भाई बच्चन मंडल और नंदकिशोर मंडल के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि तीनों घरों में बंधे आधा दर्जन मवेशियों में से तीन गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बछड़े गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और घटना की सूचना पुलिस एवं अग्निशमन विभाग को दी। 10 लाख से अधिक का नुकसान सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची अग्निशमन टीम और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घरों में रखे अनाज, कपड़े, बर्तन समेत करीब 10 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जलकर राख हो चुकी थी। पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अमरनाथ झा ने बताया कि तीनों पीड़ित परिवार मेहनत-मजदूरी और पशुपालन के जरिए अपना जीवन यापन करते थे। इस अग्निकांड ने उन्हें खुले आसमान के नीचे ला खड़ा कर दिया है। उन्होंने अंचल प्रशासन से पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा और सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

कनौर गांव में 3 घर जल गए
दरभंगा जिले के सिंहवारा प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत के कनौर गांव में भी शुक्रवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक आग की चपेट में आकर 3 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस अग्निकांड में दो मवेशियों की जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए।
आग की घटना में घरों में रखा अनाज, भूसा, दो पंपिंग सेट तथा घरेलू उपयोग के सामान समेत लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पूर्व प्रमुख अनवर अली भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार बेहद गरीब हैं और उनके जीवनयापन का मुख्य साधन पशुपालन था। इस घटना ने उनके सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के हाटी गांव में शुक्रवार की देर शाम अलाव से उठी चिंगारी ने भीषण आग का रूप ले लिया। अग्निकांड में 3 परिवारों के घर जलकर राख हो गए, जबकि तीन मवेशियों की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई। अनाज, कपड़े, बर्तन समेत लाखों रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई।
घटना शुक्रवार की देर शाम की बताई जा रही है। बताया जा रहा कि ललन मंडल के मवेशी को ठंड से बचाने के लिए अलाव जलाया गया था। इसी दौरान अलाव की एक चिंगारी पास में रखे सूखे चारे पर गिर गई, जिससे आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में स्थित उनके भाई बच्चन मंडल और नंदकिशोर मंडल के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि तीनों घरों में बंधे आधा दर्जन मवेशियों में से तीन गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बछड़े गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और घटना की सूचना पुलिस एवं अग्निशमन विभाग को दी। 10 लाख से अधिक का नुकसान सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची अग्निशमन टीम और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घरों में रखे अनाज, कपड़े, बर्तन समेत करीब 10 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जलकर राख हो चुकी थी। पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि अमरनाथ झा ने बताया कि तीनों पीड़ित परिवार मेहनत-मजदूरी और पशुपालन के जरिए अपना जीवन यापन करते थे। इस अग्निकांड ने उन्हें खुले आसमान के नीचे ला खड़ा कर दिया है। उन्होंने अंचल प्रशासन से पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा और सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।

कनौर गांव में 3 घर जल गए
दरभंगा जिले के सिंहवारा प्रखंड अंतर्गत हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत के कनौर गांव में भी शुक्रवार को अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते गांव में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक आग की चपेट में आकर 3 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस अग्निकांड में दो मवेशियों की जलकर मौत हो गई, जबकि कई अन्य मवेशी गंभीर रूप से झुलस गए।
आग की घटना में घरों में रखा अनाज, भूसा, दो पंपिंग सेट तथा घरेलू उपयोग के सामान समेत लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पूर्व प्रमुख अनवर अली भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को शीघ्र उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार बेहद गरीब हैं और उनके जीवनयापन का मुख्य साधन पशुपालन था। इस घटना ने उनके सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।  

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