फौजी भाइयों से जमीन के नाम पर ठगी:बेतिया में फर्जी कागजात से 12.11 लाख रुपए हड़पे, 3 पर FIR

फौजी भाइयों से जमीन के नाम पर ठगी:बेतिया में फर्जी कागजात से 12.11 लाख रुपए हड़पे, 3 पर FIR

पश्चिम चंपारण फर्जी जमीन कागजात के आधार पर जमीन बेचने का झांसा देकर सगे फौजी भाइयों से 12 लाख 11 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में मनुआपुल थाना क्षेत्र के धुर्वा मठ वार्ड संख्या-10 निवासी राजेश राय ने मनुआपुल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेतिया डीह की जमीन बताकर किया गया सौदा प्राथमिकी के अनुसार, राजेश राय ने बताया है कि वे और उनके भाई अभिनव राय भारतीय सेना में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2022 में उन्हें जानकारी मिली कि बेतिया डीह इलाके में एक भूखंड बिक्री के लिए उपलब्ध है। बताया गया कि उक्त जमीन का महाजन बानुछापर थाना क्षेत्र के हजमा टोला निवासी मोहन प्रसाद है। जमीन खरीदने की मंशा से दोनों भाई मोहन प्रसाद से संपर्क करने पहुंचे। पहले से रची गई थी साजिश राजेश राय के अनुसार, जब वे मोहन प्रसाद से मिलने पहुंचे तो वहां पहले से ही अन्य आरोपी मौजूद थे। इनमें मनुआपुल थाना क्षेत्र के खैरटिया निवासी मुकेश पांडेय और कुमारबाग थाना क्षेत्र के दुबौलिया निवासी संतोष यादव शामिल थे। बातचीत के दौरान तीनों ने मिलकर जमीन सौदे को लेकर विश्वास दिलाया और सभी दस्तावेज सही होने का दावा किया। आरोप है कि इसी दौरान तीनों ने साजिश के तहत दोनों भाइयों को झांसे में लिया। 19 लाख में तय हुई जमीन की कीमत बातचीत के बाद जमीन की कीमत 19 लाख रुपये तय की गई। भरोसा होने पर दोनों फौजी भाइयों ने पे फोन और चेक के माध्यम से कुल 12 लाख 11 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए। इसके बाद स्टांप पेपर पर लेनदेन से संबंधित कागजात भी तैयार किए गए। आरोपियों ने शेष राशि रजिस्ट्री के समय लेने की बात कही। कागजात जांच में खुली पोल कुछ दिनों बाद जब दोनों भाई छुट्टी लेकर घर लौटे तो उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने और कागजात की विधिवत जांच कराने की बात कही। इसी दौरान जब जमीन के दस्तावेजों की जांच कराई गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि जिस जमीन को मोहन प्रसाद अपना बताकर बेच रहा था, वह उसके नाम से दर्ज ही नहीं है। आरोपियों ने फर्जी कागजात तैयार कर जमीन बेचने के नाम पर रकम वसूल ली थी। रुपये मांगने पर करने लगे टालमटोल ठगी का एहसास होने के बाद दोनों भाइयों ने आरोपियों से दिए गए रुपये वापस करने की मांग की। शुरुआत में आरोपियों ने टालमटोल की और समय मांगते रहे। बाद में उन्होंने साफ तौर पर रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित राजेश राय ने मनुआपुल थाना का दरवाजा खटखटाया और लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। तीन नामजद आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज मनुआपुल थाना में दर्ज प्राथमिकी में बानुछापर थाना क्षेत्र के हजमा टोला निवासी मोहन प्रसाद, मनुआपुल के खैरटिया निवासी मुकेश पांडेय और कुमारबाग थाना क्षेत्र के दुबौलिया निवासी संतोष यादव को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शुरू की जांच थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। जमीन से संबंधित कागजात, लेनदेन के साक्ष्य और बैंकिंग विवरण की जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जमीन सौदों में सतर्क रहने की जरूरत यह मामला एक बार फिर जमीन खरीद-बिक्री के दौरान सतर्कता बरतने की जरूरत को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन का सौदा करने से पहले संबंधित अंचल कार्यालय से रैयती स्थिति, दाखिल-खारिज और स्वामित्व की पूरी जांच कर लेना आवश्यक है, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके। पश्चिम चंपारण फर्जी जमीन कागजात के आधार पर जमीन बेचने का झांसा देकर सगे फौजी भाइयों से 12 लाख 11 हजार रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में मनुआपुल थाना क्षेत्र के धुर्वा मठ वार्ड संख्या-10 निवासी राजेश राय ने मनुआपुल थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में तीन लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेतिया डीह की जमीन बताकर किया गया सौदा प्राथमिकी के अनुसार, राजेश राय ने बताया है कि वे और उनके भाई अभिनव राय भारतीय सेना में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2022 में उन्हें जानकारी मिली कि बेतिया डीह इलाके में एक भूखंड बिक्री के लिए उपलब्ध है। बताया गया कि उक्त जमीन का महाजन बानुछापर थाना क्षेत्र के हजमा टोला निवासी मोहन प्रसाद है। जमीन खरीदने की मंशा से दोनों भाई मोहन प्रसाद से संपर्क करने पहुंचे। पहले से रची गई थी साजिश राजेश राय के अनुसार, जब वे मोहन प्रसाद से मिलने पहुंचे तो वहां पहले से ही अन्य आरोपी मौजूद थे। इनमें मनुआपुल थाना क्षेत्र के खैरटिया निवासी मुकेश पांडेय और कुमारबाग थाना क्षेत्र के दुबौलिया निवासी संतोष यादव शामिल थे। बातचीत के दौरान तीनों ने मिलकर जमीन सौदे को लेकर विश्वास दिलाया और सभी दस्तावेज सही होने का दावा किया। आरोप है कि इसी दौरान तीनों ने साजिश के तहत दोनों भाइयों को झांसे में लिया। 19 लाख में तय हुई जमीन की कीमत बातचीत के बाद जमीन की कीमत 19 लाख रुपये तय की गई। भरोसा होने पर दोनों फौजी भाइयों ने पे फोन और चेक के माध्यम से कुल 12 लाख 11 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए। इसके बाद स्टांप पेपर पर लेनदेन से संबंधित कागजात भी तैयार किए गए। आरोपियों ने शेष राशि रजिस्ट्री के समय लेने की बात कही। कागजात जांच में खुली पोल कुछ दिनों बाद जब दोनों भाई छुट्टी लेकर घर लौटे तो उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने और कागजात की विधिवत जांच कराने की बात कही। इसी दौरान जब जमीन के दस्तावेजों की जांच कराई गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पता चला कि जिस जमीन को मोहन प्रसाद अपना बताकर बेच रहा था, वह उसके नाम से दर्ज ही नहीं है। आरोपियों ने फर्जी कागजात तैयार कर जमीन बेचने के नाम पर रकम वसूल ली थी। रुपये मांगने पर करने लगे टालमटोल ठगी का एहसास होने के बाद दोनों भाइयों ने आरोपियों से दिए गए रुपये वापस करने की मांग की। शुरुआत में आरोपियों ने टालमटोल की और समय मांगते रहे। बाद में उन्होंने साफ तौर पर रुपये लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित राजेश राय ने मनुआपुल थाना का दरवाजा खटखटाया और लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई। तीन नामजद आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज मनुआपुल थाना में दर्ज प्राथमिकी में बानुछापर थाना क्षेत्र के हजमा टोला निवासी मोहन प्रसाद, मनुआपुल के खैरटिया निवासी मुकेश पांडेय और कुमारबाग थाना क्षेत्र के दुबौलिया निवासी संतोष यादव को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शुरू की जांच थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। जमीन से संबंधित कागजात, लेनदेन के साक्ष्य और बैंकिंग विवरण की जांच की जा रही है। आरोपियों की भूमिका की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जमीन सौदों में सतर्क रहने की जरूरत यह मामला एक बार फिर जमीन खरीद-बिक्री के दौरान सतर्कता बरतने की जरूरत को उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जमीन का सौदा करने से पहले संबंधित अंचल कार्यालय से रैयती स्थिति, दाखिल-खारिज और स्वामित्व की पूरी जांच कर लेना आवश्यक है, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *