सहरसा में बंधुआ मजदूरी का एक मामला सामने आया है। यहां के ईंट भट्ठा मालिक ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मुखिया और मुंशी अमित कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई सहरसा के डीएम के निर्देश पर हुई जांच के बाद की गई। श्रम अधीक्षक संतोष कुमार झा ने सहरसा सदर थाना में यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, श्रम अधीक्षक संतोष कुमार झा ने धमसैनी वार्ड नंबर 46 स्थित “स्टार मार्का” ईंट भट्ठा का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां कार्यरत श्रमिकों ने बताया कि वे असम के धुबरी जिले से 14 परिवारों के साथ पिछले साल 25 सितंबर को ईंट पथाई के काम के लिए यहां आए थे। जबरन 18 से 20 घंटे तक काम कराते थे
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि भट्ठा मालिक और मुंशी उनसे जबरन 18 से 20 घंटे तक काम कराते थे। विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था और धमकाया जाता था। मजदूरों ने यह भी बताया कि तैयार की गई ईंटों की गिनती में जानबूझकर हेराफेरी की जाती थी, ताकि उन्हें कम मजदूरी मिले। सबसे गंभीर आरोप यह था कि श्रमिकों और उनके परिवारों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। उन्हें भट्ठा परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी, जिससे यह स्थिति बंधुआ मजदूरी जैसी बन गई थी। केवल कुछ पुरुष श्रमिकों को निगरानी में बाहर जाने दिया जाता था। बकाया भुगतान दिलाने के लिए प्रशासन कार्रवाई कर रहा
श्रम अधीक्षक संतोष कुमार झा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बंधुआ मजदूरी का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनका बकाया भुगतान दिलाने के लिए प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। साथ ही, सरकार की पुनर्वास योजना के तहत प्रभावित परिवारों को सहायता भी प्रदान की जाएगी। मुख्यालय-2 डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने पुष्टि की कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। सहरसा में बंधुआ मजदूरी का एक मामला सामने आया है। यहां के ईंट भट्ठा मालिक ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मुखिया और मुंशी अमित कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई सहरसा के डीएम के निर्देश पर हुई जांच के बाद की गई। श्रम अधीक्षक संतोष कुमार झा ने सहरसा सदर थाना में यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, श्रम अधीक्षक संतोष कुमार झा ने धमसैनी वार्ड नंबर 46 स्थित “स्टार मार्का” ईंट भट्ठा का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां कार्यरत श्रमिकों ने बताया कि वे असम के धुबरी जिले से 14 परिवारों के साथ पिछले साल 25 सितंबर को ईंट पथाई के काम के लिए यहां आए थे। जबरन 18 से 20 घंटे तक काम कराते थे
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि भट्ठा मालिक और मुंशी उनसे जबरन 18 से 20 घंटे तक काम कराते थे। विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था और धमकाया जाता था। मजदूरों ने यह भी बताया कि तैयार की गई ईंटों की गिनती में जानबूझकर हेराफेरी की जाती थी, ताकि उन्हें कम मजदूरी मिले। सबसे गंभीर आरोप यह था कि श्रमिकों और उनके परिवारों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। उन्हें भट्ठा परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं थी, जिससे यह स्थिति बंधुआ मजदूरी जैसी बन गई थी। केवल कुछ पुरुष श्रमिकों को निगरानी में बाहर जाने दिया जाता था। बकाया भुगतान दिलाने के लिए प्रशासन कार्रवाई कर रहा
श्रम अधीक्षक संतोष कुमार झा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बंधुआ मजदूरी का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनका बकाया भुगतान दिलाने के लिए प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। साथ ही, सरकार की पुनर्वास योजना के तहत प्रभावित परिवारों को सहायता भी प्रदान की जाएगी। मुख्यालय-2 डीएसपी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने पुष्टि की कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।


