स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने जालौर जिले के 38 पुलिस कॉन्स्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज की है। इन कॉन्स्टेबलों ने डमी कैंडिडेट और फेक डॉक्यूमेंट के आधार पर सरकारी जॉब पाई। ये पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन के दौरान सिग्नेचर मिसमैच होने के कारण पकड़े गए। एसओजी ने शनिवार को दो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। पिछले 5 वर्ष में भर्ती कॉन्स्टेबल की जांच के लिए बनाई कमेटी
पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड राजस्थान ने जुलाई-2024 में जालोर जिला एसपी को एक लेटर भेजा था। इसमें पिछले 5 सालों में की गई भर्तियों में फर्जी शैक्षणिक योग्यता के डॉक्यूमेंट देने और डमी कैंडिडेट की परीक्षा में बैठाकर सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के संबंध में जांच करने के लिए था। जांच के बाद संदिग्धों की लिस्ट बनाकर एसओजी को भिजवाने के आदेश दिए थे। जालोर एसपी की ओर से कमेटी गठित की गई। जांच में जालसाजी से 30 पुलिस कॉन्स्टेबल के सरकारी नौकरी हासिल करने की जानकारी मिली। एसओजी को भेजी लिस्ट के आधार पर इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई। 26 कॉन्स्टेबल के सिग्नेचर मिस मैच पर की कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2018 की भर्ती में 26 पुलिस कॉन्स्टेबल के डॉक्यूमेंट में साइन में डिफरेंस मिला। इसमें पुलिस कॉन्स्टेबल जैसाराम, दिनेश कुमार, अर्जुन कुमार, घेवरचंद, यशवंत सिंह, दिनेश कुमार, बदराम, गोपीलाल, हरीश कुमार, नरपत सिंह, दिनेश कुमार, नपाराम, सुरेशकुमार, चतराराम, सुरेश कुमार, भाणाराम, रमेश कुमार, सुशीला कुमारी, शांतिलाल, देवी सिंह, जितेन्द्र कुमार, राकेश कुमार, मुकेश कुमार, डूंगराराम, रेवंतीरमन व खुशीराम के डॉक्यूमेंट भर्ती के समय और वर्तमान समय में हस्ताक्षरों में डिफरेंस पाया गया। इस आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। 11 कॉन्स्टेबल ने फेक डॉक्यूमेंट और डमी कैंडिडेट से हासिल की नौकरी, FIR दर्ज
एसपी जालोर की ओर से जांच कमेटी ने डमी कैंडिडेट और फेक डॉक्यूमेंट को लेकर जांच की। आवेदन पत्र, फोटो, सिग्ननेचर की भली-भांति जांच की गई। जिसमें पुलिस कॉन्स्टेबल प्रदीप कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, धनवत्नी, प्रियंका, ललिता, निरमा, सपना शर्मा, संदीप कुमार, पंकज कुमार व सोहनलाल के सिग्नेचर मिसमैच मिले। इसकी रिपोर्ट बनाकर जिला एसपी जालौर की ओर से एसओजी को भेजी गई। एसओजी की ओर से इन 11 पुलिस कॉन्स्टेबल के खिलाफ दूसरी FIR दर्ज की गई।


