पश्चिम चंपारण में 10 फरवरी से फाइलेरिया मुक्त अभियान:45 लाख लोगों को दवा लक्ष्य, 2237 टीमें घर-घर जाएंगी, 224 पर्यवेक्षक तैनात

पश्चिम चंपारण में 10 फरवरी से फाइलेरिया मुक्त अभियान:45 लाख लोगों को दवा लक्ष्य, 2237 टीमें घर-घर जाएंगी, 224 पर्यवेक्षक तैनात

पश्चिम चंपारण जिले को फाइलेरिया (हाथीपांव) मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 10 फरवरी से एक व्यापक अभियान शुरू कर रहा है। इस सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत जिले के कुल 45 लाख 14 हजार 193 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान की तैयारियों और रूपरेखा पर चर्चा के लिए शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सिफार) के संयुक्त तत्वावधान में एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जीएमसीएच पैरामेडिकल कॉलेज के सभागार में संपन्न हुई। 224 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए
कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के सफल संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग ने 2237 प्रशिक्षित दल गठित किए हैं। ये दल 14 दिनों तक घर-घर जाकर लोगों को अपनी निगरानी में दवा का सेवन कराएंगे। अभियान के दौरान 11 फरवरी को पूरे जिले में विशेष महा-शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस पूरे कार्य की निगरानी के लिए 224 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक प्रखंड में त्वरित प्रतिक्रिया दल (आरआरटी टीम) का भी गठन किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। पश्चिम चंपारण जिले को फाइलेरिया (हाथीपांव) मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 10 फरवरी से एक व्यापक अभियान शुरू कर रहा है। इस सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत जिले के कुल 45 लाख 14 हजार 193 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान की तैयारियों और रूपरेखा पर चर्चा के लिए शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सिफार) के संयुक्त तत्वावधान में एक मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जीएमसीएच पैरामेडिकल कॉलेज के सभागार में संपन्न हुई। 224 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए
कार्यशाला को संबोधित करते हुए अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि जिला स्वास्थ्य समिति जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के सफल संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग ने 2237 प्रशिक्षित दल गठित किए हैं। ये दल 14 दिनों तक घर-घर जाकर लोगों को अपनी निगरानी में दवा का सेवन कराएंगे। अभियान के दौरान 11 फरवरी को पूरे जिले में विशेष महा-शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस पूरे कार्य की निगरानी के लिए 224 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक प्रखंड में त्वरित प्रतिक्रिया दल (आरआरटी टीम) का भी गठन किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।  

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