DMCH में यूजी छात्रों और डेटा ऑपरेटर के बीच मारपीट:लगातार दूसरे दिन भी हंगामा, पैथोलॉजी लैब में काम बंद होने से मरीज रहे परेशान

DMCH में यूजी छात्रों और डेटा ऑपरेटर के बीच मारपीट:लगातार दूसरे दिन भी हंगामा, पैथोलॉजी लैब में काम बंद होने से मरीज रहे परेशान

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन हंगामे की स्थिति बनी रही। यूजी छात्रों और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात डेटा ऑपरेटर के बीच फिर से मारपीट हो गई, जिसके बाद केंद्रीय पैथोलॉजी लैब में काम बंद हो गया। जिससे जांच के लिए इंतजार कर रहे मरीजों की परेशानी बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार सुबह अस्पताल खुलते ही बड़ी संख्या में यूजी छात्र सेंट्रल पैथोलॉजी लैब पहुंच गए और किसी बात को लेकर डेटा ऑपरेटर से विवाद शुरू हो गया। इस दौरान उग्र छात्रों ने लैब में तोड़फोड़ भी की, जिससे खिड़की के शीशे टूट गए। मारपीट की सूचना मिलते ही अस्पताल अधीक्षक, प्रिंसिपल और वरीय डॉक्टर मौके पर पहुंचे। नियंत्रण के लिए बेंता पुलिस को भी बुलाया गया। इस घटना के बाद डेटा ऑपरेटर और लैब टेक्निशियन ने काम बंद कर दिया है, जिससे लगातार दूसरे दिन जांच सेवाएं ठप रही। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग बताया जा रहा है कि बुधवार को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर किसी बात को लेकर छात्रों और कर्मियों के बीच विवाद हुआ था, जो मारपीट में बदल गया था। उस समय अस्पताल प्रशासन ने मामले को सुलझाने का दावा किया था, लेकिन गुरुवार को फिर से हिंसक घटना सामने आ गई। पैथोलॉजी लैब के टेक्निशियन उदयशंकर सिंह ने बताया कि बुधवार की घटना के बाद कर्मियों की ओर से छात्रों से माफी भी मांगी गई थी। प्रशासन के समझाने के बावजूद छात्र नहीं माने। दूसरे दिन फिर से छात्रों ने हंगामा कर काम बंद करा दिया। आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। 3 डाटा ऑपरेटर हटाए जाएंगे लगातार दो दिनों से चल रहे विवाद और जांच सेवाओं के ठप रहने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए जूनियर डॉक्टर संगठन के प्रतिनिधियों और डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्र के बीच वार्ता हुई। एजेंसियों को तीन डाटा ऑपरेटर को हटाने पर सहमति बनी। इसके बाद माहौल शांत हुआ। दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन हंगामे की स्थिति बनी रही। यूजी छात्रों और रजिस्ट्रेशन काउंटर पर तैनात डेटा ऑपरेटर के बीच फिर से मारपीट हो गई, जिसके बाद केंद्रीय पैथोलॉजी लैब में काम बंद हो गया। जिससे जांच के लिए इंतजार कर रहे मरीजों की परेशानी बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार सुबह अस्पताल खुलते ही बड़ी संख्या में यूजी छात्र सेंट्रल पैथोलॉजी लैब पहुंच गए और किसी बात को लेकर डेटा ऑपरेटर से विवाद शुरू हो गया। इस दौरान उग्र छात्रों ने लैब में तोड़फोड़ भी की, जिससे खिड़की के शीशे टूट गए। मारपीट की सूचना मिलते ही अस्पताल अधीक्षक, प्रिंसिपल और वरीय डॉक्टर मौके पर पहुंचे। नियंत्रण के लिए बेंता पुलिस को भी बुलाया गया। इस घटना के बाद डेटा ऑपरेटर और लैब टेक्निशियन ने काम बंद कर दिया है, जिससे लगातार दूसरे दिन जांच सेवाएं ठप रही। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग बताया जा रहा है कि बुधवार को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर किसी बात को लेकर छात्रों और कर्मियों के बीच विवाद हुआ था, जो मारपीट में बदल गया था। उस समय अस्पताल प्रशासन ने मामले को सुलझाने का दावा किया था, लेकिन गुरुवार को फिर से हिंसक घटना सामने आ गई। पैथोलॉजी लैब के टेक्निशियन उदयशंकर सिंह ने बताया कि बुधवार की घटना के बाद कर्मियों की ओर से छात्रों से माफी भी मांगी गई थी। प्रशासन के समझाने के बावजूद छात्र नहीं माने। दूसरे दिन फिर से छात्रों ने हंगामा कर काम बंद करा दिया। आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। 3 डाटा ऑपरेटर हटाए जाएंगे लगातार दो दिनों से चल रहे विवाद और जांच सेवाओं के ठप रहने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए जूनियर डॉक्टर संगठन के प्रतिनिधियों और डीएमसीएच के अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्र के बीच वार्ता हुई। एजेंसियों को तीन डाटा ऑपरेटर को हटाने पर सहमति बनी। इसके बाद माहौल शांत हुआ।  

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