औरंगाबाद में भैंस की ओर से फसल चरने को लेकर दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। बुधवार की दोपहर हुई इस घटना में जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत निर्मल बिगहा डाबुरा खुर्द गांव का है। सभी घायलों को उपचार के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद लाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज किया गया।घायलों की पहचान गोलू कुमार, मालती देवी, सरोज देवी, काजल कुमारी और अंशिका कुमारी के रूप में की गई है। घटना के संबंध में सदर अस्पताल पहुंचे अरुण कुमार ने बताया कि गांव के लक्ष्मण पासवान की भैंस खुलकर सुरेंद्र यादव के घर के पीछे स्थित खेत में चली गई थी। भैंस को वापस लाने के लिए लक्ष्मण पासवान का पोता गोलू कुमार खेत की ओर गया था। आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने गोलू पर चोरी का आरोप लगाते हुए उसे पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी। जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल करने का लगाया आरोप परिजनों के अनुसार, जब गोलू की चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो सुरेंद्र यादव और उनके परिजनों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस दौरान महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया और सभी को गंभीर चोटें आईं। मारपीट की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद सभी घायलों को पुलिस की सहायता से इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।सदर अस्पताल में नगर थाना के सब-इंस्पेक्टर सुमित कुमार सिंह ने घायलों का फर्द बयान दर्ज किया। पीड़ित पक्ष के बयान के आधार पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस मामले में सुरेंद्र यादव समेत कुल नौ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। औरंगाबाद में भैंस की ओर से फसल चरने को लेकर दो पक्षों के बीच हुई कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। बुधवार की दोपहर हुई इस घटना में जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत निर्मल बिगहा डाबुरा खुर्द गांव का है। सभी घायलों को उपचार के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद लाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज किया गया।घायलों की पहचान गोलू कुमार, मालती देवी, सरोज देवी, काजल कुमारी और अंशिका कुमारी के रूप में की गई है। घटना के संबंध में सदर अस्पताल पहुंचे अरुण कुमार ने बताया कि गांव के लक्ष्मण पासवान की भैंस खुलकर सुरेंद्र यादव के घर के पीछे स्थित खेत में चली गई थी। भैंस को वापस लाने के लिए लक्ष्मण पासवान का पोता गोलू कुमार खेत की ओर गया था। आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने गोलू पर चोरी का आरोप लगाते हुए उसे पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी। जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल करने का लगाया आरोप परिजनों के अनुसार, जब गोलू की चीख-पुकार सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे तो सुरेंद्र यादव और उनके परिजनों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस दौरान महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया और सभी को गंभीर चोटें आईं। मारपीट की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना की पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद सभी घायलों को पुलिस की सहायता से इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।सदर अस्पताल में नगर थाना के सब-इंस्पेक्टर सुमित कुमार सिंह ने घायलों का फर्द बयान दर्ज किया। पीड़ित पक्ष के बयान के आधार पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस मामले में सुरेंद्र यादव समेत कुल नौ लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।


