प्रतापगढ़ के रानीगंज कोतवाली क्षेत्र में शनिवार देर रात पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा और पूर्व विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा के समर्थकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना रानीगंज कोतवाली क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग के पास हुई। आरोप है कि पूर्व विधायक धीरज ओझा अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे, जहां पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के बेटे पूर्णांशु ओझा का काफिला मौजूद था। इसी दौरान कहासुनी के बाद पूर्णांशु ओझा के करीबियों के साथ मारपीट की गई और उनकी कार में तोड़फोड़ की गई। पूर्व मंत्री शिवाकांत ओझा के करीबी लालमणि तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक धीरज ओझा, उनके भतीजे व ब्लॉक प्रमुख सत्यम ओझा सहित कुल 26 लोगों के खिलाफ मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार यह मुकदमा एडिशनल एसपी शैलेंद्र लाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर घटना के दो दिन बाद दर्ज किया गया। वहीं, दूसरे पक्ष से पूर्व विधायक धीरज ओझा ने भी रानीगंज कोतवाली में तहरीर देकर पूर्व मंत्री के बेटे पूर्णांशु ओझा और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। धीरज ओझा का आरोप है कि इस घटना में उनके समर्थकों को भी चोटें आई हैं और पुलिस द्वारा एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही जा रही है।


