जयपुर में बुलडोजर का डर: सड़क पर उतरे हजारों लोग…निकाला पैदल मार्च, किया यज्ञ

जयपुर में बुलडोजर का डर: सड़क पर उतरे हजारों लोग…निकाला पैदल मार्च, किया यज्ञ

जयपुर। सांगानेर–बगरू क्षेत्र की 87 कॉलोनियों को लेकर कार्रवाई की आशंका के बीच रविवार को हजारों लोग सड़क पर उतर आए। कॉलोनीवासियों ने शांति मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से राहत देने की मांग की। इस दौरान हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और यज्ञ-हवन भी किया गया। सुबह श्याेपुर चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग हाथों में तख्ती लेकर पहुंचे। इन त​​ख्तियों पर लिखा था कि अवैध कहना बंद करो, नियमन का प्रबंध करो।
दरअसल, फरवरी में राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान आवासन मंडल को तीन सप्ताह में जमीन खाली कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि उच्च न्यायालय इन कॉलोनियों को अवैध मान रहा है, जिससे लोगों में अपने घरों पर बुलडोजर चलने का डर पैदा हो गया है। लोगों का दावा है कि अदालत के सामने वास्तविक स्थिति पूरी तरह नहीं रखी गई।

श्योपुर चौराहे से पिंजरापोल गौशाला तक पैदल मार्च
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन श्योपुर चौराहे से गुलाब विहार होते हुए पिंजरापोल गौशाला तक पैदल मार्च निकाला गया। इस दौरान राज्य सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करते हुए हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और यज्ञ-हवन किया गया। सड़क पार करने के दौरान जाम लग गया और कुछ लोग सड़क पर बैठ गए। हालांकि, पुलिस ने इन लोगों को समझाइथ्कर हटा दिया।
श्योपुर व्यापार मंडल के व्यापारियों ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए सुबह 10 से 12 बजे तक दुकानें बंद रखीं और रैली में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवक और बुजुर्ग शामिल हुए।

30–40 साल से बसी हैं कॉलोनियां
संघर्ष समिति के अध्यक्ष रघुनंदन सिंह हाड़ा और महासचिव परशुराम चौधरी ने कहा कि इन कॉलोनियों में 30–40 साल से लोग रह रहे हैं और सरकार ने बिजली, पानी, सड़क, टेलीफोन व रोड लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई हैं। लोगों ने जीवनभर की कमाई लगाकर यहां मकान बनाए हैं, इसलिए वे जीते-जी अपने घर उजड़ने नहीं देंगे।

चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
आंदोलन से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द राहत नहीं दी तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। साथ ही निकाय चुनाव में मतदान बहिष्कार पर भी विचार किया जा सकता है।

सरकार से यह मांग
संघर्ष समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि 19 मार्च 2026 को उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई में कॉलोनीवासियों का पक्ष मजबूती से रखा जाए और लंबे समय से बसी इन कॉलोनियों को मानवीय और जनहित के आधार पर नियमित किया जाए।

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