Fatty Liver Disease: दुनिया भर में फैटी लिवर यानी लिवर में चर्बी जमा होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अब एक नई रिसर्च में सामने आया है कि कैनाबिस पौधे में पाए जाने वाले कुछ खास कंपाउंड इस बीमारी के इलाज में मददगार साबित हो सकते हैं।
Hebrew University of Jerusalem के शोधकर्ताओं द्वारा की गई इस स्टडी में पाया गया कि कैनाबिस से मिलने वाले दो कंपाउंड कैनाबिडियोल (CBD) और कैनाबिगेरोल (CBG) लिवर में जमा फैट को कम करने और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यह शोध British Journal of Pharmacology में प्रकाशित हुआ है।
क्या होते हैं CBD और CBG
कैनाबिस पौधे में कई तरह के केमिकल कंपाउंड पाए जाते हैं। इनमें CBD और CBG ऐसे कंपाउंड हैं जो शरीर पर नशे जैसा असर नहीं डालते। दरअसल कैनाबिस में एक और कंपाउंड होता है THC, जो “हाई” यानी नशे जैसा प्रभाव पैदा करता है। लेकिन CBD और CBG में ऐसा असर नहीं होता, इसलिए वैज्ञानिक मानते हैं कि इनका इस्तेमाल लंबे समय तक इलाज के तौर पर किया जा सकता है।
किस बीमारी पर हुई रिसर्च
यह रिसर्च एक ऐसी बीमारी पर की गई है जिसे मेटाबॉलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीयाटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) कहा जाता है। इसे पहले फैटी लिवर डिजीज के नाम से जाना जाता था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी दुनिया भर में करीब एक-तिहाई वयस्कों को प्रभावित करती है। मोटापा, खराब खान-पान और इंसुलिन रेजिस्टेंस इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। अभी तक इस बीमारी के इलाज के लिए बहुत कम प्रभावी दवाएं उपलब्ध हैं।
लिवर को कैसे फायदा पहुंचाते हैं ये कंपाउंड
रिसर्च के प्रमुख वैज्ञानिक Joseph Tam के अनुसार CBD और CBG लिवर के काम करने के तरीके को बेहतर बनाते हैं। अध्ययन में पाया गया कि ये कंपाउंड लिवर में फॉस्फोक्रिएटिन नाम के एक अणु को बढ़ाते हैं। यह अणु कोशिकाओं में ऊर्जा स्टोर करने का काम करता है और जरूरत पड़ने पर बैकअप बैटरी की तरह काम करता है। इससे लिवर पर ज्यादा फैट या तनाव होने पर भी वह बेहतर तरीके से काम कर पाता है।
शरीर से खराब फैट को हटाने में मदद
रिसर्च में यह भी देखा गया कि CBD और CBG शरीर में मौजूद कुछ खास एंजाइम्स को सक्रिय करते हैं, जिन्हें कैथेप्सिन कहा जाता है। ये एंजाइम कोशिकाओं में जमा हानिकारक फैट और कचरे को साफ करने का काम करते हैं। जब इनकी गतिविधि बढ़ती है तो लिवर से ट्राइग्लिसराइड्स और सेरामाइड्स जैसे खतरनाक फैट कम होने लगते हैं। रिसर्च में यह भी सामने आया कि CBG कुछ मामलों में ज्यादा असरदार रहा। इससे शरीर की चर्बी कम करने, LDL कोलेस्ट्रॉल घटाने और इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर करने में मदद मिली।
अभी और रिसर्च की जरूरत
हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि यह रिसर्च अभी शुरुआती स्तर पर है और नियंत्रित परिस्थितियों में की गई है। इसलिए यह जानने के लिए और क्लिनिकल ट्रायल की जरूरत होगी कि यह तरीका इंसानों में कितना सुरक्षित और प्रभावी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति कैनाबिस आधारित दवाओं का इस्तेमाल करना चाहता है, तो उसे पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। इससे संभावित फायदे और जोखिम दोनों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


