सोनभद्र में करीब ढाई साल पहले अपने बेटे की सब्बल मारकर हत्या करने के मामले में दोषी पिता चतुर बिहारी को अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी अर्चना रानी की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने का भुगतान न करने पर दोषी को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सुनवाई के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार,यह घटना 19 जून 2023 को बभनी थाना क्षेत्र के मचबंधवा निवासी मृतक की मां मानकुंवर ने थाने में जाकर प्रार्थना पत्र देते हुए बताया था कि दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अरविंद अपने घर में सो रहा था। तभी उसके पिता चतुर बिहारी अगरिया बाहर से आए और सब्बल से उस पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण अरविंद की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक की मां मानकुंवर की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आला कत्ल (हत्या में प्रयुक्त हथियार) के साथ आरोपी चतुर बिहारी को गिरफ्तार कर लिया था। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने अदालत में चार्ज सीट दाखिल किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अधिवक्ताओं की दलीलों के आधार पर पाया कि पिता ने ही अपने पुत्र की हत्या का अपराध किया है। इसी आधार पर उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई।


