फतेहपुर जिला अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश अजय सिंह ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया, जिसमें दोषियों पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला खखरेरू थाना क्षेत्र के सुदेशरा गांव निवासी अफसर अली की बेटी नूर बानो से जुड़ा है। नूर बानो की शादी 28 अप्रैल 2019 को हथगाम थाना क्षेत्र के रायपुर मुआरी निवासी मो. रिजवान से हुई थी। शादी के बाद से ही पति मो. रिजवान सहित ननद इशरत जहां, ननद गुलशन जहां, सास नूर जहां और देवर इरफान दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर नूर बानो को प्रताड़ित करने लगे थे। नूर बानो ने अपने मायके जाकर पिता को आपबीती बताई। पिता ने ससुराल वालों को समझाने का प्रयास किया और महिला थाने में शिकायत भी दर्ज कराई, जिसके बाद बेटी को वापस ससुराल भेज दिया। हालांकि, 9 दिसंबर 2020 को आरोपियों ने नूर बानो पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी नूर बानो को पहले सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया। 11 दिसंबर 2020 को कानपुर के कृष्णा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में नूर बानो का मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी दर्ज किया गया था। बाद में उसे लखनऊ रेफर किया गया, जहां 23 जनवरी 2021 को सिविल अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष ने मृतका के मृत्युकालीन बयान सहित सभी साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। सभी आरोपी विवेचना के दौरान गिरफ्तार हुए थे और तब से जिला कारागार में बंद हैं। दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। कहा था, आरोपियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिये की जिससे समाज मे ऐसा संन्देश जाए कि कोई भी व्यक्ति ऐसा अपराध करने से पहले 100 बार सोचने पर विवश हो जाए
आरोपियों में मो रिजवान पति, सास नूरजहां, देवर इरफान, ननद ईशरत जहां ओर गुलशन जहां को दोषसिद्ध करते हुए प्रत्येक को धारा 304 आईपीसी मे आजीवन सश्रम कारावास व धारा 498 ए घरेलू हिंसा में तीन वर्ष का कारावास व दस हजार रुपए का जुर्माना व 4 डीपी एक्ट मे प्रत्येक को 3 साल व 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।


