गोटेगाँव के श्रीनगर गाँव में शनिवार को एक दिवसीय सामूहिक उपवास, धरना और रैली का आयोजन किया गया। यह आयोजन प्रयागराज में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज, साधु-संतों और बटुकों के साथ हुई कथित अभद्रता के विरोध में था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, गुरु भक्त, हिंदू समाज और मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। धरना स्थल पर शंकराचार्य जी के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। उपवास पर बैठे ग्राम सेवक क्षेत्र के लोगों ने अपने वक्तव्यों में शंकराचार्य जी के समर्थन में आवाज उठाई। धरने के बाद गाँव के मुख्य मार्गों से एक विशाल रैली निकाली गई। इसमें श्रद्धालुओं ने नारेबाजी करते हुए प्रयागराज की घटना की निंदा की। परमहंसी गंगा आश्रम से ब्रह्मचारी अचलानंद महाराज ने विशेष रूप से कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शंकराचार्य परंपरा 2500 वर्ष पुरानी है, जिसकी स्थापना आदि शंकराचार्य जी ने चार मठों के माध्यम से की थी। अचलानंद महाराज ने कहा कि जब स्वयं योगी आदित्यनाथ के गुरु शंकराचार्य जी का सम्मान करते रहे हैं, तो वर्तमान सरकार द्वारा साधु-संतों के साथ अभद्रता और मारपीट अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने मांग की कि योगी आदित्यनाथ शंकराचार्य जी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। रैली और धरने के समापन के बाद तहसीलदार को राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि शंकराचार्य जी को सम्मानपूर्वक गंगा स्नान कराया जाए तथा इस पूरे मामले में दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर ग्राम श्रीनगर के समस्त ग्रामवासी, शंकराचार्य शिष्य मंडल, हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग और क्षेत्रवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन के बाद उपवास कर रहे सभी लोगों का विधिवत व्रत खुलवाया गया।


