हमीरपुर में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का क्रमिक अनशन सातवें दिन भी लगातार जारी है। अनशनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच समाजवादी पार्टी सहित कई समाजसेवी संगठनों ने अनशनकारियों को अपना समर्थन दे दिया है। यह क्रमिक अनशन मौदहा ब्लॉक क्षेत्र के छानी गांव में चल रहा है, जहां परसदवा डेरा के रहने वाले ग्रामीण बीते सात दिनों से अनशन पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने सांसद, विधायक और ज़िला प्रशासन से कई बार सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्हें अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा। चुनाव के टाइम पर यही जन प्रतिनिधि सड़क बनवाने की बात कहते हैं और जीतने के बाद पलट कर नहीं देखते। अनशनकारी राजेंद्र निषाद, किशना निषाद, रामकुंवर पाल ने बताया कि आज अनशन का सातवां दिन है, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी उनकी समस्या सुनने नहीं पहुंचा। हैरानी की बात यह है कि किसी भी जनप्रतिनिधि ने भी मौके पर आकर हालात देखने की ज़रूरत नहीं समझी। ग्रामीणों ने बताया कि परसदवा डेरा तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। ऐसी स्थिति में अगर गांव में कोई बीमार पड़ जाए तो उसे बैलगाड़ी या चारपाई पर लिटाकर करीब तीन किलोमीटर दूर तक ले जाना पड़ता है। गंभीर हालात में एंबुलेंस की जरूरत पड़ने पर भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता।
अनशनकारियों का कहना है कि उन्होंने ब्लॉक, तहसील और ज़िला मुख्यालय के कई चक्कर लगाए, अधिकारियों से सड़क बनवाने की गुहार लगाई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की उदासीनता से आहत होकर ग्रामीणों को अंततः अनशन पर बैठना पड़ा।


