जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में बुधवार रात एक शादी समारोह के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक सशस्त्र व्यक्ति ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने की कोशिश की। इस घटना में फारूक अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी बाल-बाल बच गए।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब अब्दुल्ला, उपमुख्यमंत्री चौधरी और मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी शहर के बाहरी इलाके में स्थित ग्रेटर कैलाश क्षेत्र के समारोह स्थल से निकल रहे थे।
आरोपी की पहचान कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है, जो पुरानी मंडी का निवासी है। वह पिस्तौल लेकर अब्दुल्ला के पीछे पहुंचा और गोली चला दी।
जम्मू कश्मीर पुलिस के सुरक्षा शाखा के दो अधिकारियों—एक निरीक्षक और एक उप निरीक्षक ने उसे काबू कर लिया।
उपमुख्यमंत्री चौधरी ने इस घटना को सुरक्षा में चूक बताया, जबकि पुलिस ने कहा कि विस्तृत जांच जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि जामवाल की उम्र 70 वर्ष से अधिक है और हमले के वक्त वह नशे की हालत में था। उन्होंने बताया कि सतर्क कर्मियों द्वारा उसका हथियार छीने जाने और जमीन पर गिराए जाने से पहले उसने एक गोली चलाई।
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अधिकारियों ने यह भी बताया कि गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ।
हमले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, अल्लाह मेहरबान है। मेरे पिता बाल-बाल बच गए।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि फिलहाल विवरण अस्पष्ट हैं, लेकिन जो ज्ञात है वह यह है कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ बिल्कुल करीब आकर गोली चलाने में कामयाब हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अंदरुनी घेरे के सुरक्षा दस्ते ने हमले के प्रयास को नाकाम कर दिया। इस समय जवाबों से ज्यादा सवाल हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि ज़ेड प्लस श्रेणी के साथ एनएसजी सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कोई व्यक्ति कैसे पहुंच गया।’’
अधिकारियों के अनुसार, फारुक अब्दुल्ला और चौधरी पार्टी नेता बी.एस. चौहान को उनके बेटे की शादी पर बधाई देने आए थे और वे कार्यक्रम स्थल पर एक घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे।
सिटी साउथ के पुलिस अधीक्षक अजय शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला की मौजूदगी में एक शादी समारोह में लाइसेंसी हथियार से गोलीबारी की घटना हुई।
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आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और विस्तृत जांच जारी है। इसमें आतंकी पहलू का कोई संदेह नहीं है।
उपमुख्यमंत्री ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए पत्रकारों से कहा कि आपको सुरक्षाकर्मियों और पुलिस से पूछना चाहिए कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है। जब पूर्व मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के सलाहकार किसी समारोह में मौजूद हों, और कोई व्यक्ति हथियार लेकर अंदर घुस सकता है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था कैसी रही होगी।


