बरनाला जिले में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहे जयपुर-कटरा एक्सप्रेस हाईवे का काम आज 12 गांवों के किसानों ने रोक दिया। किसान कम मुआवजे के विरोध में लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने यह कदम उठाया। किसान संगठनों और रोड संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में किसानों ने गांव गागेवाल, रामगढ़, विधाते, मूंम और गहल सहित कई गांवों में काम रोका। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे और सड़क निर्माण कंपनी की गाड़ियों का भी घेराव किया। कम मुआवज देने का आरोप रोड संघर्ष कमेटी के अध्यक्ष कुलवंत सिंह गेहल और जसप्रीत सिंह जस्सा ने बताया कि हाईवे के लिए अधिग्रहित की गई जमीनों का मुआवजा बहुत कम दिया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बरनाला जिले में किसानों को प्रति एकड़ 58 लाख रुपए का मुआवजा मिला है, जबकि लुधियाना जिले में यह राशि 80 लाख रुपए प्रति एकड़ है। किसान बोले- समान मुआवजा दिया जाए किसानों की मांग है कि उन्हें लुधियाना जिले के समान मुआवजा दिया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंटी हुई जमीनों का बकाया मुआवजा अभी तक जारी नहीं किया गया है, जिसे तुरंत जारी करने की मांग की गई है। इसके अलावा, किसानों ने प्रशासन पर उन जमीनों पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है, जिनके मालिकों ने अभी तक मुआवजे की राशि स्वीकार नहीं की है।


