परंपरागत खेती छोड़ मछली पालन अपनाएं किसान

परंपरागत खेती छोड़ मछली पालन अपनाएं किसान

भास्कर न्यूज| जालंधर मछली पालन विभाग, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय भारत सरकार के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने शनिवार को जालंधर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव जैतोवाली (जंडू सिंघा) में अहनीर कौर के मछली तालाब का निरीक्षण किया और वहां चल रही गतिविधियों का जायजा लिया। दौरे के दौरान कपूरथला, होशियारपुर और एसबीएस नगर जिलों के प्रगतिशील मछली पालक भी मौजूद रहे। सचिव ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और मछली पालकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। डॉ. लिखी ने पंजाब में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन को सहायक व्यवसाय के रूप में अपनाएं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके। मछली पालन विभाग पंजाब के डायरेक्टर एवं वार्डन करमजीत सिंह ने बताया कि राज्य में विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक 767 किसानों को 35.34 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि जैतोवाली की लाभार्थी को महिला श्रेणी के तहत 60 प्रतिशत यानी 3.14 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी मिली है। यहां सौर ऊर्जा प्रणाली और बतख पालन जैसी गतिविधियां भी शुरू की गई हैं। सचिव ने जालंधर के जतिंदर कुमार से भी बातचीत की, जिन्हें योजना के तहत इंसुलेटेड वाहन खरीदने के लिए 7.71 लाख रुपये की सहायता दी गई थी। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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