बुलंदशहर में राजकीय कृषि विद्यालय में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें अपर जिलाधिकारी राम भरत यादव, डीडी एग्रीकल्चर, जिला कृषि अधिकारी सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं और मांगों का ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के जिला संरक्षक चौधरी कुलदीप गुड्डू के नेतृत्व में किसानों ने अधिकारियों के समक्ष 9 प्रमुख मांगें प्रस्तुत कीं। किसानों ने आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए शिकायत पत्रों का बिना जानकारी के निस्तारण कर दिया जाता है, जिस पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। किसानों ने वेब शुगर मिल और अन्य क्रय केंद्रों पर 3 से 4 प्रतिशत तक की कटौती और घटतौली बंद करने की मांग की। साथ ही, आवारा पशुओं की समस्या को गंभीर बताते हुए उनके टीकाकरण और गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जल प्रदूषण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों का आरोप है कि कुछ फैक्ट्रियां जमीन में केमिकल डालकर भूजल को दूषित कर रही हैं, जिनकी जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, कृषि यंत्रों का पात्रता के आधार पर वितरण, जिले में अवैध खनन पर रोक और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई। किसानों ने ‘राहवीर योजना’ का लाभ जनपद में लागू करने, किसानों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमों को समाप्त करने और गैस एजेंसियों की नियमित जांच कर गांवों में सिलेंडर वितरण व्यवस्था बहाल करने की भी मांग रखी। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर शैलेंद्र आर्य, प्रदीप गौड़, नरेंद्र राव, जितेंद्र चाहर, डॉ. नईम, हुकुम सिंह, वीरपाल सिंह, सर्वेश कुमार, सत्येंद्र शर्मा, बिल्लू चौधरी सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।


