जींद जिले के जुलाना कस्बे के वार्ड नंबर 3 में भारतीय किसान यूनियन की बैठक आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जमीदारा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप सिहाग ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसानों के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। विदेशी फसलों से घटेगी स्थानीय उपज की मांग सिहाग ने कहा कि इस डील के तहत अमेरिकी किसानों को भारत के बाजार में अपनी फसल बेचने का अवसर मिलेगा। यदि विदेशी फसलें सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी, तो भारतीय किसानों की उपज की मांग घटेगी और उनकी फसल बेचना मुश्किल हो जाएगा। इससे किसानों की आय और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ेगा। 23 मार्च को पीपली में रैली का ऐलान बैठक में किसानों ने इस समझौते के विरोध में 23 मार्च को पीपली में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले एक विशाल जनआक्रोश रैली आयोजित करने का निर्णय लिया। किसानों ने कहा कि जब तक सरकार इस समझौते को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कई किसान रहे मौजूद बैठक में जयदीप चहल, विजय नंबरदार, सत्यवान लाठर, राजेश, सुनील सहित अनेक किसान मौजूद रहे।


