कैमूर में भारतमाला प्रोजेक्ट पर किसानों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट गेट जाम; बोले- मुआवजा कम, सर्विस रोड का वादा भी अधूरा

कैमूर में भारतमाला प्रोजेक्ट पर किसानों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट गेट जाम; बोले- मुआवजा कम, सर्विस रोड का वादा भी अधूरा

कैमूर जिले में किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्ट्रेट (समाहरणालय) के मुख्य द्वार को जाम कर प्रदर्शन किया। वे भारतमाला एक्सप्रेसवे के निर्माण में भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजे और सहायक पथ (सर्विस रोड) की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट के अंदर और बाहर वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे आवागमन बाधित रहा। किसान मोर्चा के नेता पशुपतिनाथ सिंह ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया बिचौलियों के चंगुल में है, जिसके कारण प्रशासन केवल उन्हीं किसानों को भुगतान कर रहा है जो बिचौलियों के संपर्क में हैं। बाकी किसानों को कागजी त्रुटियों के नाम पर परेशान किया जा रहा है। 2013 के पुराने सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा
पशुपतिनाथ सिंह ने यह भी बताया कि पूर्व जिलाधिकारी के कार्यकाल में सर्विस रोड देने का वादा किया गया था, लेकिन अब कंपनी इस वादे से मुकर रही है। वहीं, कमला सिंह ने मुआवजे की दर पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसानों को 2023 के बजाय 2013 के पुराने सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कमिश्नर के आश्वासन के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि एक महीने के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। फिलहाल, मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहा है। कैमूर जिले में किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने कलेक्ट्रेट (समाहरणालय) के मुख्य द्वार को जाम कर प्रदर्शन किया। वे भारतमाला एक्सप्रेसवे के निर्माण में भूमि अधिग्रहण के बदले उचित मुआवजे और सहायक पथ (सर्विस रोड) की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट के अंदर और बाहर वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे आवागमन बाधित रहा। किसान मोर्चा के नेता पशुपतिनाथ सिंह ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया बिचौलियों के चंगुल में है, जिसके कारण प्रशासन केवल उन्हीं किसानों को भुगतान कर रहा है जो बिचौलियों के संपर्क में हैं। बाकी किसानों को कागजी त्रुटियों के नाम पर परेशान किया जा रहा है। 2013 के पुराने सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा
पशुपतिनाथ सिंह ने यह भी बताया कि पूर्व जिलाधिकारी के कार्यकाल में सर्विस रोड देने का वादा किया गया था, लेकिन अब कंपनी इस वादे से मुकर रही है। वहीं, कमला सिंह ने मुआवजे की दर पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसानों को 2023 के बजाय 2013 के पुराने सर्किल रेट पर मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कमिश्नर के आश्वासन के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि एक महीने के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। फिलहाल, मौके पर मौजूद पुलिस बल किसानों को समझाने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहा है।  

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