एमसीबी जिले में बौरीडांड़ रेलवे जंक्शन से सुरजपुर तक नई दोहरी रेल लाइन परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि उनकी सिंचित द्वि-फसली कृषि भूमि को गैर-सिंचित बताकर कम मुआवजा दिया जा रहा है। इस मामले में 9 गांवों के किसानों ने अपर कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। यह विरोध प्रदर्शन ग्राम शंकरगढ़, बेलबहार, ऊदलकछार, सरोला, लाई, सेमरा, दर्री टोला, बरबसपुर और उजियारपुर के किसानों ने किया। इस दौरान पूर्व विधायक गुलाब कमरो और जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू भी किसानों के साथ मौजूद रहे। किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर अनिल सिदार और एसडीएम लिंगराज सिदार से मुलाकात की। असिंचित बताकर अधिग्रहण का आरोप किसानों ने अधिकारियों को बताया कि अधिग्रहित की जा रही उनकी भूमि सिंचित और द्वि-फसली है, जिससे उनकी आजीविका सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी भूमि को असिंचित बताकर अधिग्रहण कर रहा है, जिससे उन्हें बाजार दर से काफी कम मुआवजा मिल रहा है और भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी किसानों की मुख्य मांगों में अधिग्रहित भूमि का पुनर्मूल्यांकन कराना, मुआवजे की राशि को बाजार दर के अनुरूप बढ़ाना और उचित मुआवजा निर्धारित होने तक अधिग्रहण प्रक्रिया पर रोक लगाना शामिल है। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत निर्णय लेने का आग्रह किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले का परीक्षण कर शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे की रणनीति तय कर आंदोलन करेंगे।


