रेवाड़ी में शनिवार को सरसों की सरकारी खरीद शुरू हो गई। पहले दिन सुबह 11 बजे तक मंडी में पहुंचे सभी किसानों ने प्राइवेट खरीददारों को अपनी फसल बेचने के लिए एंट्री करवाई। जिस कारण कर्मचारियों को किसी किसान की बायोमैट्रिक करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। हालांकि गेट पास के लिए गेट नंबर दो पर वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली। जबकि गेट नंबर एक पर पहले ही तरह सबकुछ सामान्य रहा। मंडियों में आज से सरसों की सरकारी खदीद शुरू होने से पहले प्राइवेट खरीददार 60 हजार क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद कर चुके हें। सरकारी खरीद शुरू होने के बाद भी किसान सरकार की बजाय प्राइवेट खरीददारों को ही फसल बेचने पर अधिक भरोसा कर रहे हैं। गत वर्ष से दो गुणा खरीद मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जिले के 57744 किसानों ने 177789 एकड़ भूमि का पंजीकरण करवाया हुआ है। सरकारी खरीद शुरू होने से पहले अब तक प्राइवेट खरीददार करीब 60 हजार क्विंटल सरसों की खरीद कर चुके हैं। जबकि पिछले साल इस अवधि में 29 हजार क्विंटल सरसों की खरीद की गई थी। सरकार को बेचने में झंझट ज्यादा नाम सतबीर, गांव गुरावड़ा, गेट नंबर दो। गेट पास के लिए खड़े किसान ने कहा कि पिछले साल सरकार को गेहूं और सरसों बेची थी। तीन माह तक पैसे नहीं मिले। आढ़ती के जाए तो जवाब मिलता है, पीछे से पैसे नहीं आए। हम तो प्राइवेट खरीददारों को ही अपनी फसल बेचेंगे। भले ही भाव दो रुपए कम मिले। पैसे तो समय पर मिल जाएंगे। इसी प्रकार से गेट पास के लिए खड़े दूसरे किसानों ने भी यही बात दोहराई। प्राइवेट दे रहे ज्यादा भाव कोसली अनाज मंडी में अपनी फसल लेकर पहुंचे किसान प्रीतम ने कहा कि जब प्राइवेट खरीददार सरकार से ज्यादा भाव दे रहे हैं तो फिर हम सरकार को अपनी फसल क्यों बेंचे। प्राइवेट खरीददार भाव के साथ पैसे भी साथ-साथ दे रहे हैं। कोसली मंडी में अधिकतर किसानों ने प्राइवेट खरीददारों को ही अपनी फसल बेचने में दिलचस्पी दिखाई।
सचिव बोले, तैयारी पुख्ता मार्केट कमेटी सचिव मनीष कुमार ने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद का आज पहला दिन है। दोनों गेटों पर गेटपास देने और किसानों की वैरिफिकेशन करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए है। अभी तक स्थिति बिल्कुल सामान्य है। एमएसपी पर सरकार को फसल बेचने के लिए कितने किसान आए हैं। इसकी अपडेट शाम तक ही मिल पाएगी। फिलहाल हमारी प्राथमिकता व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर है। ताकि मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों को परेशान न हो।


