थानागाजी. कस्बा और आसपास के गांवों में शुक्रवार शाम करीब साढ़े 4 बजे मौसम में बदलाव आया। बादल छा गए, बिजली कड़कने लगी और तेज गड़गड़ाहट के साथ शाम करीब 7 बजे 10 मिनट तक मूसलाधार बारिश हुई। बेमौसम हुई बारिश से किसानों के खेतों में पड़ी कटी गेहूं, जौ और चने की फसल भीग गई, जिससे नुकसान हुआ। खेतों में रखे पशुओं का चारा और अनाज भीग गया। बारिश के दौरान पानी सड़कों और रास्तों में बहने लगा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। कई किसान खेतों में पड़ी फसल को बारिश से बचाने के लिए पन्नी या त्रिपाल से ढकने की कोशिश में लगे रहे। क्षेत्र में इस समय सरसों, जौ, गेहूं और चने की कटाई जोरों पर है। कई किसानों ने फसल को थ्रेसर से निकालकर बोरियों में रखा था, लेकिन अचानक हुई बारिश से खेतों और खलिहानों में रखी फसल भीगी। कई किसान फसल को खेतों में इकट्ठा कर ढकने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
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गोलाकाबास. कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार शाम लगभग छह बजकर चालीस मिनट पर अचानक तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे जन जीवन अस्तव्यस्त हो गया। इसके बाद रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश ने खेतों में रखे अनाज को ढकने का किसानों को समय भी नहीं दिया। बिरकड़ी गांव के खेत में गेहूं के पूले बारिश से भीग गए। कई किसानों की फसल खेतों में कटी होने से भीग गई। खलिहानों में थ्रेसर से फसल निकालने की किसान तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बारिश आ गई। अब किसानों को उसे सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। कटी हुई फसल की गुणवत्ता पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं। किसान अशोक शर्मा, भोंरेलाल पंचोली व मानसिंह गुर्जर ने बताया कि इस बेमौसम की बारिश से अब फसल सूखने के बाद करीब पांच सात दिन देरी से निकलेगी। गेहूं की गुणवता भी कमजोर रहेगी। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों और स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी। प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आकलन की किसानों ने प्रशासन से मांग की है।
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सकट. कस्बा सहित आसपास के गांवों में देर शाम अंधड़ के साथ बारिश हुई। शाम 6.30 बजे के मौसम में परिवर्तन हुआ और बूंदाबांदी के साथ तेज हवा चलना शुरू हुई। थोड़ी देर बाद तेज़ अंधड़ के साथ झमाझम बारिश होने लगी, जो लगभग 15 मिनट तक चली। बारिश के साथ अंधड़ से क्षेत्र में कई पेडों की टहनियों टूट कर गिर गई। खेतों में काटकर पटक रखी गेहूं की फसल व पशुओं का चारा भी बारिश से भीग गया। मुख्य सड़क पर बारिश का पानी जमा होने से दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अंधड़ व बारिश के बाद क्षेत्र की बिजली सप्लाई बाधित हो गई। अंधड़-बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट होने से मौसम सुहाना हो गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
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लक्ष्मणगढ़. कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम तेज हवा के साथ जोरदार बरसात हुई। लगभग आधे घन्टे तक जोरदार बरसात हुई। बरसात से किसानों को चिंता बढ़ गई। गेहूं की फसल खेतों में पड़ी है। एकत्रित कर रखी है। बरसात से काफी किसानों का खेतों में पड़ा तूड़ा भीग गया।
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अंधड़ में उड़े टीन-टप्पर, बिजली के दो जगह पोल टूटे
राजगढ़. कस्बे तथा आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार करीब सवा सात बजे तेज़ अंधड़ के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। तेज अंधड़ के चलते टीन-टप्पर उड़ गए। बिजली गुल हो जाने से अंधेरे में शहर डूब गया। करीब 25 मिनट तेज बारिश के चलते नाले -नालियो का उफान आने से बारलाबास, कांकवाड़ी बाजार, मालाखेड़ा दरवाजा, कुण्ड मोहल्ला, गोविन्द देवजी बाजार, आर्य समाज मंदिर गली, गोठवाल गली में सड़क पर गंदा पानी व कीचड़ जमा हो गया। सराय बाजार, तहसील रोड़, सीएचसी परिसर, स्टेशन मार्ग, बिजली घर तक सड़क पर गंदा पानी व कचरा जमा हो गया। जिसके चलते राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जेवीवीएनएल के कनिष्ठ अभियन्ता ने बताया कि तेज अंधड़ के चलते कुछ स्थानों पर लाइन में फाल्ट हुए हैं तथा दो स्थानों पर पोल टूट गए। तेज बारिश व अंधड़ के चलते खेतों में खड़ी व काट कर रखी फसल भीग जाने से काफी नुकसान हुआ है। किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। ठण्डी हवा चलने से लोगों को ठण्डक का एहसास होने लगा। समाचार लिखे जाने तक रात साढ़े आठ बजे तक बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो पाई।
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देर रात तक होती रही बारिश, किसानों को नुकसान
रामगढ़. कस्बे सहित समीप के इलाके में शुक्रवार देर रात तक बारिश होती रही। तेज हवा के साथ आकाशीय बिजली चमकती रही। धरतीपुत्रों को चेहरे पर चिंता साफ नजर आई। जिन किसानों ने फसल खेत में से नहीं उठाई, उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है। कस्बे में तेज हवा के साथ बारिश से ठंडक का अहसास हुआ।
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आंधी से गिरा बिजली का पोल
मालाखेड़ा. क्षेत्र के अनेक गांवों में देर शाम आए अंधड़ ने भारी तबाही मचाई। पृथ्वीपुरा में 11केवी मुख्य लाइन सहित सिंगल फेज लाइन के दर्जनों पोल जड़ से उखड़ गए। कई स्थानों पर भारी भरकम पेड़ बिजली की लाइनों पर गिरने से तार टूट गए। पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पेड़ रास्तों में टूटकर गिरने से आवागमन बाधित हो गया। ग्रामीण स्वयं के स्तर पर पेड़ों को हटाकर रास्ता सुचारू करने में जुटे रहे, ताकि बिजली निगम के वाहन मौके तक पहुंच सके। लोगों ने सहायक अभियंता और संबंधित कर्मचारियों से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने स्थिति से अवगत कराते हुए क्षतिग्रस्त पोलों को तुरंत बदलकर नए पोल खड़े करने की मांग की। बिजली के पोल गिरने से गांव में लाइट नहीं आई।
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अलावड़ा. कस्बे सहित आसपास के गांवों में अंधड़ के साथ बारिश हुई। शाम करीब 7 बजे हवा चलना शुरू हो गई। तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश आधे घंटे तक चली। कई जगह पर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं। लाइट भी गुल हो गई और गांव में अंधेरा छा गया। मुख्य सड़क पर बारिश का पानी जमा हो जाने से वाहन चालकों को परेशानी हुई।


