पंजाब में फिरोजपुर फीडर के रिकंस्ट्रक्शन के लिए 21 जनवरी से शुरू हुई नहरबंदी के 32 दिन बीत चुके हैं। लेकिन किसानों को पानी नहीं मिला। इसके विरोध में गुस्साए किसानों ने सीसी हैड और फूसेवाला टोल प्लाजा पर चक्काजाम कर दिया। किसान सड़क के बीच में धरना लगाकर बैठ गए और नारेबाजी कर रहे हैं। चक्काजाम के कारण श्रीगंगानगर जाने वाला हाइवे पूरी तरह बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। किसानों ने कहा- अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पुरानी बीकानेर कैनाल के जरिए खखां हैड पर रोजाना 1500 क्यूसेक पानी उपलब्ध करवाने का वादा किया था, मगर अब तक एक भी दिन इतनी मात्रा में पानी नहीं पहुंचा। इससे गंगनहर क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है और रबी फसलों पर संकट मंडरा रहा है। नहरबंदी 25 फरवरी को खत्म होने वाली है, यानी अब सिर्फ कुछ दिन बचे हैं, लेकिन आश्वासन के मुताबिक पानी नहीं मिलने से किसानों की तीन-तीन सिंचाई बारियां पिट चुकी हैं। फरवरी में तापमान औसत से ज्यादा रहने और पानी की कमी से फसलें प्रभावित हो रही हैं। यदि नहरबंदी खत्म होने के बाद भी बीकानेर कैनाल को पूरा पानी नहीं मिला, तो गंगनहर क्षेत्र में फसलें तबाह हो सकती हैं। किसान संगठन अब बड़े आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं।


