सहरसा में शनिवार को महागठबंधन के बैनर तले स्टेडियम के बाहरी परिसर में एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। इसमें हजारों कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। राजद जिलाध्यक्ष मो. ताहिर ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। धरने में महिषी विधायक डॉ. गौतम कृष्ण भी शामिल हुए। इस दौरान महागठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा देने की मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और कृषि अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। हाल की तेज आंधी और बारिश से मक्का, गेहूं सहित अन्य फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष आए चक्रवाती तूफान के दौरान भी फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को प्रशासनिक उदासीनता के कारण मुआवजा नहीं मिल सका था। विधायक डॉ. गौतम कृष्ण ने जिला प्रशासन, खासकर कृषि विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे किसान विरोधी बताया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। महागठबंधन के नेताओं ने बिहार सरकार, कृषि मंत्री और जिला प्रशासन से मांग की कि फसल नुकसान का आकलन कर शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे जिले में किसानों को एकजुट कर बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस महाधरने को सीपीआई, सीपीएम, माले और अन्य दलों के नेताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में ओमप्रकाश नारायण, धनिकलाल मुखिया, गणेश प्रसाद सुमन, कुंदन यादव समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे। आयोजन में उमड़ी भारी भीड़ ने किसानों की समस्या को लेकर बढ़ते आक्रोश का संकेत दिया। सहरसा में शनिवार को महागठबंधन के बैनर तले स्टेडियम के बाहरी परिसर में एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। इसमें हजारों कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया। राजद जिलाध्यक्ष मो. ताहिर ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। धरने में महिषी विधायक डॉ. गौतम कृष्ण भी शामिल हुए। इस दौरान महागठबंधन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें फसल क्षतिपूर्ति मुआवजा देने की मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और कृषि अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। हाल की तेज आंधी और बारिश से मक्का, गेहूं सहित अन्य फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष आए चक्रवाती तूफान के दौरान भी फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को प्रशासनिक उदासीनता के कारण मुआवजा नहीं मिल सका था। विधायक डॉ. गौतम कृष्ण ने जिला प्रशासन, खासकर कृषि विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इसे किसान विरोधी बताया और अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। महागठबंधन के नेताओं ने बिहार सरकार, कृषि मंत्री और जिला प्रशासन से मांग की कि फसल नुकसान का आकलन कर शीघ्र उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे जिले में किसानों को एकजुट कर बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। इस महाधरने को सीपीआई, सीपीएम, माले और अन्य दलों के नेताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में ओमप्रकाश नारायण, धनिकलाल मुखिया, गणेश प्रसाद सुमन, कुंदन यादव समेत कई नेताओं ने अपने विचार रखे। आयोजन में उमड़ी भारी भीड़ ने किसानों की समस्या को लेकर बढ़ते आक्रोश का संकेत दिया।


