महोबा में भारतीय हलधर किसान यूनियन ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और अधिकारियों की अनुपस्थिति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने उपजिलाधिकारी को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है और सात दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है। यह प्रदर्शन तहसील मुख्यालय पर किया गया। यूनियन का मुख्य आरोप उरवारा गांव में हाल ही में बनी सड़कों की खराब गुणवत्ता को लेकर है। किसानों के अनुसार, ननौरा से उरवारा और चितैईया से उरवारा तक बन रही सड़कें बिना उचित खुदाई और कुटाई के डाली जा रही हैं, जिससे वे हाथों से ही उखड़ने लगी हैं। किसानों ने इस मामले में विशेष जांच कमेटी गठित कर भौतिक सत्यापन और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में ग्राम पंचायतों में अधिकारियों की मनमानी और अनुपस्थिति का मुद्दा भी उठाया गया है। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए सामुदायिक भवन और बहुउद्देशीय हॉल के बावजूद, कर्मचारी गांवों से नदारद रहते हैं। इससे किसानों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। इसके अतिरिक्त, लुहेड़ी बस स्टैंड से संकट मोचन पठारी को जोड़ने वाली अधूरी सड़क के निर्माण को पूरा करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। भारतीय हलधर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जनक सिंह परिहार के नेतृत्व में किसानों ने प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करने को मजबूर होंगे। जिला अध्यक्ष जनक सिंह परिहार ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले सात दिनों के भीतर इन समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन तहसील प्रांगण में ही अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर देगी। इसको लेकर एसडीएम सदर शिव ध्यान पांडे ने कहा कि भारतीय हलधर किसान यूनियन द्वारा दिए गए ज्ञापन को लेकर सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित कर उसमें अमल कराया जाएगा।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान संतराम, देवी सिंह, हल्के, बलवीर और शिशुपाल सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।


