किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण की अवधि बढ़ा दी गई है। अब किसान 14 फरवरी तक अपना पंजीकरण करा सकेंगे। यह विस्तार सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। सभी किसान अपने नजदीकी सीएससी (CSC) या वसुधा केंद्र पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। इस अभियान का लक्ष्य किसानों को एक डिजिटल पहचान प्रदान करना है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। लापरवाही बरतने वाले वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन किया रद्द जिलाधिकारी आनंद शर्मा प्रतिदिन शाम को वर्चुअल माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। समीक्षा के दौरान, कर्तव्यहीनता और लापरवाही बरतने वाले कई वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द किया गया है, जबकि कई कर्मियों के मानदेय में भी कटौती की गई है। मंगलवार तक मधुबनी जिले में लगभग 1 लाख 49 हजार 941 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री हो चुका है। सभी वरीय अधिकारी अपने आवंटित प्रखंडों में चल रहे इस महाअभियान की प्रगति का लगातार जायजा ले रहे हैं। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। इनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविकाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को कार्यों के अनुश्रवण हेतु पंचायत आवंटित किए गए हैं। किसान रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य है। ये दस्तावेज पंजीकरण प्रक्रिया के लिए आवश्यक हैं। फार्मर रजिस्ट्री पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड), सहायता अनुदान, फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ और अन्य सभी सरकारी योजनाओं का लाभ एक डिजिटल पहचान के साथ प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण की अवधि बढ़ा दी गई है। अब किसान 14 फरवरी तक अपना पंजीकरण करा सकेंगे। यह विस्तार सुनिश्चित करेगा कि कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित न रहे। सभी किसान अपने नजदीकी सीएससी (CSC) या वसुधा केंद्र पर जाकर निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। इस अभियान का लक्ष्य किसानों को एक डिजिटल पहचान प्रदान करना है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। लापरवाही बरतने वाले वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन किया रद्द जिलाधिकारी आनंद शर्मा प्रतिदिन शाम को वर्चुअल माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान के तीसरे चरण के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। समीक्षा के दौरान, कर्तव्यहीनता और लापरवाही बरतने वाले कई वसुधा केंद्र संचालकों का निबंधन रद्द किया गया है, जबकि कई कर्मियों के मानदेय में भी कटौती की गई है। मंगलवार तक मधुबनी जिले में लगभग 1 लाख 49 हजार 941 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री हो चुका है। सभी वरीय अधिकारी अपने आवंटित प्रखंडों में चल रहे इस महाअभियान की प्रगति का लगातार जायजा ले रहे हैं। एग्रोस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए प्रखंड और पंचायत स्तर पर विभिन्न विभागों के कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। इनमें राजस्व कर्मचारी, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो, विशेष सर्वेक्षण अमीन, किसान सलाहकार, कार्यपालक सहायक, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत सचिव, विकास मित्र, आवास सहायक और आंगनवाड़ी सेविकाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को कार्यों के अनुश्रवण हेतु पंचायत आवंटित किए गए हैं। किसान रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य है। ये दस्तावेज पंजीकरण प्रक्रिया के लिए आवश्यक हैं। फार्मर रजिस्ट्री पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड), सहायता अनुदान, फसल नुकसान पर वास्तविक क्षति का लाभ और अन्य सभी सरकारी योजनाओं का लाभ एक डिजिटल पहचान के साथ प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।


