शेखपुरा के चेवाड़ा प्रखंड की सभी पंचायतों में किसानों के फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और अपना ई-केवाईसी तथा फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी (एफआर आईडी) बनवाया। यह शिविर बृहस्पतिवार शाम 6:00 बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। प्रखंड कृषि पदाधिकारी बिजय कुमार दास ने बताया कि सिकंदरा/चकंदरा पंचायत में कुल 160 किसानों का ई-केवाईसी और 50 किसानों का एफआर आईडी बनाया गया। चेवाड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में 93 किसानों का ई-केवाईसी और 52 किसानों का एफआर आईडी तैयार किया गया। इसी तरह, एकरामा पंचायत में 81 किसानों का ई-केवाईसी और 20 किसानों का एफआर आईडी बना। छठियारा पंचायत में 91 किसानों का ई-केवाईसी और 35 किसानों का एफआर आईडी, लोहान पंचायत में 55 किसानों का ई-केवाईसी और 22 किसानों का एफआर आईडी तथा सियानी पंचायत में 91 किसानों का ई-केवाईसी और 50 किसानों का एफआर आईडी बनाया गया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने आगे बताया कि किसानों की सुविधा को देखते हुए 9 जनवरी को भी शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें। शेखपुरा के चेवाड़ा प्रखंड की सभी पंचायतों में किसानों के फार्मर रजिस्ट्रेशन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और अपना ई-केवाईसी तथा फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी (एफआर आईडी) बनवाया। यह शिविर बृहस्पतिवार शाम 6:00 बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। प्रखंड कृषि पदाधिकारी बिजय कुमार दास ने बताया कि सिकंदरा/चकंदरा पंचायत में कुल 160 किसानों का ई-केवाईसी और 50 किसानों का एफआर आईडी बनाया गया। चेवाड़ा नगर पंचायत क्षेत्र में 93 किसानों का ई-केवाईसी और 52 किसानों का एफआर आईडी तैयार किया गया। इसी तरह, एकरामा पंचायत में 81 किसानों का ई-केवाईसी और 20 किसानों का एफआर आईडी बना। छठियारा पंचायत में 91 किसानों का ई-केवाईसी और 35 किसानों का एफआर आईडी, लोहान पंचायत में 55 किसानों का ई-केवाईसी और 22 किसानों का एफआर आईडी तथा सियानी पंचायत में 91 किसानों का ई-केवाईसी और 50 किसानों का एफआर आईडी बनाया गया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने आगे बताया कि किसानों की सुविधा को देखते हुए 9 जनवरी को भी शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।


