चेवाड़ा प्रखंड में शुक्रवार को किसान पंजीकरण के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शाम 6 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर अपना पंजीकरण कराया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी विजय कुमार दास ने बताया कि कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की अवधि बढ़ाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की बढ़ती संख्या और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। दास ने यह भी जानकारी दी कि किसान पंजीकरण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इसके तहत, विभिन्न पंचायतों में शिविर लगाकर किसानों का पंजीकरण किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर शिविर में पहुंचकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं, जिससे उन्हें सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का सीधा फायदा मिल सके। शिविर के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किसानों को पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया। किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिविर लगने से उन्हें प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है। चेवाड़ा प्रखंड में शुक्रवार को किसान पंजीकरण के लिए एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शाम 6 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर अपना पंजीकरण कराया। प्रखंड कृषि पदाधिकारी विजय कुमार दास ने बताया कि कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान की अवधि बढ़ाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की बढ़ती संख्या और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। दास ने यह भी जानकारी दी कि किसान पंजीकरण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इसके तहत, विभिन्न पंचायतों में शिविर लगाकर किसानों का पंजीकरण किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर शिविर में पहुंचकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं, जिससे उन्हें सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का सीधा फायदा मिल सके। शिविर के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारियों ने किसानों को पंजीकरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान किया। किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि शिविर लगने से उन्हें प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है।


