मुंगेर में बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) के बैनर तले सैकड़ों किसानों, मजदूरों और नौजवानों ने राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में विरोध मार्च निकाला। हालांकि, भारत बंद का शहर में व्यापक असर नहीं दिखा। कुछ देर के लिए बैंक बंद कराए गए, लेकिन बाद में काम सामान्य हो गया। प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और केंद्र सरकार की कथित जन-विरोधी श्रम व कृषि नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उनका आरोप था कि ये नीतियां किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। कार्यकर्ता शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शहीद चौक पहुंचे यह जुलूस पूरबसराय स्टेशन के निकट से शुरू हुआ। कार्यकर्ता शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शहीद चौक पहुंचे, जहां यह मार्च एक सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कुछ बैंकों को भी बंद कराया। जुलूस का नेतृत्व एआईकेकेएमएस के जिला सचिव भरत मंडल और जिला अध्यक्ष रविंद्र मंडल संयुक्त रूप से कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे। केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की सभा को संबोधित करते हुए एआईकेकेएमएस के बिहार राज्य सचिव कृष्णदेव शाह ने केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। उन्होंने विशेष रूप से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चिंता व्यक्त की, जिसे हाल ही में अंतिम रूप दिया गया है। शाह ने कहा कि इस समझौते से किसानों के हित प्रभावित होंगे। उनके अनुसार, आयात शुल्क और गैर-टैरिफ बाधाओं में ढील से विदेशी कृषि और डेयरी उत्पादों का आयात बढ़ सकता है, जिससे स्थानीय उत्पादकों पर भारी दबाव पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि अब तक टैरिफ भारतीय किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते रहे हैं। नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील कृष्णदेव शाह ने किसानों, मजदूरों और आम जनता से अपील की कि वे कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष को तेज करें। कार्यक्रम के अंत में, नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सभा में नारायण यादव, कामेश्वर रंजन, सुधीर यादव, भुवनेश्वर तांती, शेखर तांती, उत्तम दास, रामचंद्र मंडल, विश्वनाथ मंडल, मंटू यादव और वकील यादव सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद थे। मुंगेर में बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) के बैनर तले सैकड़ों किसानों, मजदूरों और नौजवानों ने राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में विरोध मार्च निकाला। हालांकि, भारत बंद का शहर में व्यापक असर नहीं दिखा। कुछ देर के लिए बैंक बंद कराए गए, लेकिन बाद में काम सामान्य हो गया। प्रदर्शनकारियों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और केंद्र सरकार की कथित जन-विरोधी श्रम व कृषि नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। उनका आरोप था कि ये नीतियां किसानों और मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। कार्यकर्ता शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शहीद चौक पहुंचे यह जुलूस पूरबसराय स्टेशन के निकट से शुरू हुआ। कार्यकर्ता शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शहीद चौक पहुंचे, जहां यह मार्च एक सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कुछ बैंकों को भी बंद कराया। जुलूस का नेतृत्व एआईकेकेएमएस के जिला सचिव भरत मंडल और जिला अध्यक्ष रविंद्र मंडल संयुक्त रूप से कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता सरकार के विरोध में नारे लगा रहे थे। केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की सभा को संबोधित करते हुए एआईकेकेएमएस के बिहार राज्य सचिव कृष्णदेव शाह ने केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। उन्होंने विशेष रूप से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चिंता व्यक्त की, जिसे हाल ही में अंतिम रूप दिया गया है। शाह ने कहा कि इस समझौते से किसानों के हित प्रभावित होंगे। उनके अनुसार, आयात शुल्क और गैर-टैरिफ बाधाओं में ढील से विदेशी कृषि और डेयरी उत्पादों का आयात बढ़ सकता है, जिससे स्थानीय उत्पादकों पर भारी दबाव पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि अब तक टैरिफ भारतीय किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते रहे हैं। नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील कृष्णदेव शाह ने किसानों, मजदूरों और आम जनता से अपील की कि वे कॉरपोरेट समर्थक नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष को तेज करें। कार्यक्रम के अंत में, नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सभा में नारायण यादव, कामेश्वर रंजन, सुधीर यादव, भुवनेश्वर तांती, शेखर तांती, उत्तम दास, रामचंद्र मंडल, विश्वनाथ मंडल, मंटू यादव और वकील यादव सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता मौजूद थे।


