बदायूं जिले के वजीरगंज विकासखंड के कसेर गांव में एक किसान ने मिसाल पेश करते हुए अपनी 25 बीघा आलू की फसल क्षेत्रीय लोगों में मुफ्त बांट दी। कसेर निवासी कृषक रामगोपाल ने यह कदम तब उठाया जब उन्हें बाजार में आलू का भाव बेहद कम मिला। उनका कहना है कि मौजूदा कीमत पर फसल बेचने से लागत भी नहीं निकल रही थी, इसलिए उन्होंने घाटा सहने के बजाय उपज ग्रामीणों में बांट दी। लागत से कम मिल रहा था दाम रामगोपाल ने बताया कि बीज, खाद, सिंचाई और खुदाई पर काफी खर्च आया, लेकिन मंडी में आलू का भाव इतना गिर गया कि बिक्री करने पर भारी नुकसान तय था। उन्होंने कहा कि मेहनत की कमाई को औने-पौने दाम पर बेचने से बेहतर है कि जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाया जाए। सुबह से ही ग्रामीण खेत पर पहुंचकर आलू ले गए। किसान आयोग गठन की मांग रामगोपाल ने किसानों के हित में किसान आयोग के गठन की मांग की। उनका कहना है कि यदि किसानों को अपनी उपज का मूल्य तय करने का अधिकार मिले तो वे शोषण से बच सकेंगे। ग्रामीणों ने उनके कदम की सराहना करते हुए इसे कृषि व्यवस्था पर बड़ा सवाल बताया।


