पीलीभीत में बुधवार को एक किसान ने लेखपाल और ग्रामीणों के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। किसान का आरोप है कि वह डेढ़ साल से अपनी जमीन के सीमांकन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही। मामला अमरिया तहसील के न्यूरिया थाना क्षेत्र का है। 18 महीने से लंबित है सीमांकन ग्राम गुलड़िया भिंडारा निवासी किसान राजेश वर्मा ने बताया कि उसकी भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। उसने लगभग 18 महीने पहले एसडीएम अमरिया के न्यायालय में सीमांकन के लिए वाद दायर किया था। उसके अनुसार, पिछले वर्ष मार्च में प्रशासन ने ‘कच्ची तूदाबंदी’ तो कर दी थी, लेकिन ‘पक्की तूदाबंदी’ अब तक लंबित है। किसान ने तहसील दिवस में भी कई बार शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ। जनप्रतिनिधि और भट्टा स्वामी पर आरोप किसान ने आरोप लगाया कि उसके खेत के पास जिले के एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि द्वारा प्लाटिंग कराई जा रही है। साथ ही, एक ईंट-भट्टा स्वामी ने भी दीवार खड़ी कर दी है, जिससे उसकी जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है। उसका दावा है कि निर्माण कार्य कराने वाले लोग उसे जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। पेट्रोल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास बुधवार को किसान ने हल्का लेखपाल को मौके पर बुलाकर अवैध निर्माण रुकवाने की मांग की। आरोप है कि लेखपाल ने न तो निर्माण रुकवाया और न ही संतोषजनक जवाब दिया। इससे आक्रोशित होकर किसान ने पेट्रोल की बोतल निकालकर खुद पर छिड़क लिया और माचिस जलाने का प्रयास किया। हालांकि, लेखपाल और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ी घटना टल गई। एसडीएम ने गठित की विशेष टीम सूचना मिलते ही एसडीएम अमरिया मयंक गोस्वामी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान और उसके परिजनों को समझाकर शांत कराया और आगे की कार्रवाई के लिए तहसील ले गए। एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। फिलहाल एक राजस्व निरीक्षक और तीन लेखपालों की विशेष टीम गठित कर दी गई है। टीम की रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र उचित कार्रवाई की जाएगी।


