फरीदकोट पुलिस द्वारा पूरे जिले में बड़े स्तर पर कार्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाया गया। यह सर्च अभियान नशे के हॉटस्पॉट और संवेदनशील क्षेत्रों में चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पॉइंट ऑफ सेल स्तर पर नशे की सप्लाई को रोकना था। यह ऑपरेशन एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन के दिशा निर्देश पर जिले की तीनों सब-डिवीजनों में एक साथ चलाया गया, जिसकी निगरानी एसपी (स्थानीय) मनविंदरबीर सिंह और एसपी (इन्वेस्टिगेशन) जोगेश्वर सिंह गोराया द्वारा की गई। 19 महीनों में नशा तस्करों की 9 करोड़ की संपत्ति फ्रीज पिछले 19 महीनों में नशा तस्करों की करीब 9 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को संबंधित अथॉरिटी की मंजूरी के बाद फ्रीज किया गया है। वाहनों की भी ली गई तलाशी डीएसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में सर्च के दौरान 100 से अधिक पुलिस कर्मियों की स्पेशल टीमें बनाकर अलग-अलग संदिग्ध ठिकानों पर अचानक छापेमारी की गई। पुलिस के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से दर्ज मामलों वाले और आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले व्यक्तियों के ठिकानों पर विशेष तौर पर सर्च किया गया। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की जांच और वाहनों की तलाशी भी ली गई।ऑपरेशन के दौरान इलाके में नाकाबंदी कर अंदर-बाहर आने वाले सभी रास्तों को सील किया गया और संदिग्ध व्यक्तियों को राउंडअप किया गया। नशा विरोधी मुहिम के तहत अब तक 1686 आरोपी गिरफ्तार: डीएसपी इस मामले में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने पुलिस अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की गहराई से जांच करने और नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही नशा पीड़ितों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित कर उन्हें नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती भी कराया जा रहा है। मार्च 2025 से अब तक नशा विरोधी मुहिम के तहत 1112 मामले दर्ज कर 1686 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


