सहारनपुर में फेमस हॉस्पिटल ने लाइसेंस किया सरेंडर:4 माह पहले आतंकी डॉ.अदील हुआ अरेस्ट, स्वास्थ्य विभाग ने लाइसेंस किया निरस्त

सहारनपुर में फेमस हॉस्पिटल ने लाइसेंस किया सरेंडर:4 माह पहले आतंकी डॉ.अदील हुआ अरेस्ट, स्वास्थ्य विभाग ने लाइसेंस किया निरस्त

आतंकी कनेक्शन और दिल्ली ब्लॉस्ट मामले में सहारनपुर के फैसम हॉस्पिटल से डॉ.अदील अहमद की गिरफ्तारी हुई थी। श्रीनगर पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे अरेस्ट किया था। उस पर श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाने का आरोप है और दिल्ली बम ब्लॉस्ट में शामिल होने का भी आरो है। इस पूरे मामले के बाद सहारनपुर के स्वास्थ्य विभाग ने फेमस हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। हालांकि इससे पहले ही लाइसेंस को सरेंडर किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अंबाला रोड स्थित फेमस अस्पताल प्रबंधन ने स्वयं आवेदन देकर अपना लाइसेंस सरेंडर करने का अनुरोध किया था। विभाग ने दस्तावेजों की जांच के बाद लाइसेंस निरस्त कर दिया। वहीं, जिस दूसरे अस्पताल में सफेदपोश डॉ.अदील पहले काम कर चुका था, उसके लाइसेंस को निरस्त करने की तैयारी चल रही है। सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि अस्पताल संचालकों के अनुरोध पर फेमस अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। वहीं वी-ब्रोस अस्पताल के लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी जारी है। हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना है कि डॉ.अदील की गिरफ्तारी के बाद अस्पताल की साख पर गंभीर असर पड़ा और मरीजों की संख्या में भारी गिरावट आई। इससे अस्पताल संचालन आर्थिक रूप से प्रभावित हुआ और प्रबंधन को यह कदम उठाना पड़ा। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार डॉ.अदील अहमद मूल रूप से अनंतनाग के रहने वाले हैं और एमबीबीएस डॉक्टर हैं। वह कुछ महीनों पहले सहारनपुर के फेमस अस्पताल में नौकरी पर लगे थे। जांच के दौरान ये भी सामने आया कि डॉक्टर अदील पहले वी-ब्रोस अस्पताल में भी कार्यरत रह चुका था। पढ़िए…पूरा मामला पोस्टर से आदिल तक पहुंची पुलिस, सहारनपुर से उठाया 17 अक्टूबर को मौलवी इरफान ने नौगाम इलाके में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पोस्टर लगवाए। पोस्टर लगाने वालों में नौगाम के रहने वाले आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार शामिल थे। ये सभी CCTV में कैद हो गए। 19 अक्टूबर को श्रीनगर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। श्रीनगर के एसएसपी संदीप चक्रवर्ती की अगुआई में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ था कि पोस्टर मौलवी इरफान और डॉ.आदिल के कहने पर लगाए गए थे। पुलिस ने मौलवी इरफान को पकड़ा। उससे मिले इनपुट के आधार पर जमीर अहमद अहंगर को भी गिरफ्तार किया गया। फिर पुलिस ने डॉ.आदिल की तलाश शुरू की। पुलिस जब जमीर को लेकर डॉ.आदिल के घर पहुंची, तो पता चला कि 1 नवंबर को वह सहारनपुर आया था। यहां एक अस्पताल में नौकरी कर रहा। 6 नवंबर को यूपी एटीएस की मदद से जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ.आदिल को सहारनपुर से गिरफ्तार किया था।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *