मशहूर इवेंट मैनेजर पूजा राणा हत्याकांड का खुलासा:’क्राइम पेट्रोल’ की तर्ज पर रची गई थी पूजा की हत्या की साजिश, 17 दिनों तक पुलिस को छकाया

मशहूर इवेंट मैनेजर पूजा राणा हत्याकांड का खुलासा:’क्राइम पेट्रोल’ की तर्ज पर रची गई थी पूजा की हत्या की साजिश, 17 दिनों तक पुलिस को छकाया

जब अपराधी कानून से बचने के लिए टीवी शो का सहारा लेने लगें, तो चुनौती दोगुनी हो जाती है। बरेली की मशहूर इवेंट मैनेजर पूजा राणा हत्याकांड में पुलिस ने एक ऐसी ही सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी फिजियोथैरेपिस्ट के बाद अब उसके उन दो दोस्तों को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने क्राइम शो देखकर पुलिस को 17 दिनों तक अंधेरे में रखा। मोबाइल लोकेशन से 17 दिनों तक गुमराह रही पुलिस
इस हत्याकांड का सबसे हैरान करने वाला पहलू आरोपियों की चालाकी थी। गिरफ्तार आरोपी सोहिल खान और अनिल कुमार ने पूछताछ में कुबूल किया कि वे ‘क्राइम पेट्रोल’ जैसे शो देखते थे। वहीं से उन्हें आइडिया मिला कि पुलिस को कैसे भटकाया जाए। पूजा की हत्या के बाद उन्होंने उसका मोबाइल बंद नहीं किया, बल्कि उसकी लोकेशन लगातार बदलते रहे। मोबाइल को बरेली से पीलीभीत और फिर दिल्ली ले जाया गया। पुलिस लोकेशन के पीछे भागती रही और आरोपी शहर में ही चैन से घूमते रहे। इस हत्याकांड से जुड़ी कुछ तस्वीरे देखे….. सीसीटीवी ने तोड़ा शातिरों का गुरूर
अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सुराग छोड़ ही देता है। बारादरी पुलिस ने जब तकनीकी सर्विलांस के साथ-साथ शहर के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो कड़ियाँ जुड़ती चली गईं। 21 जनवरी को पुलिस ने सबसे पहले मुख्य आरोपी विमल कुमार को दबोचा। विमल के कबूलनामे के आधार पर गुरुवार 29 जनवरी को उसके साथी सोहिल और अनिल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मात्र 25 हजार रुपये के लिए मफलर से घोंटा गला
हत्या की वजह सिर्फ 25 हजार रुपये का विवाद निकला। आरोपी सोहिल के अनुसार, विमल और पूजा के बीच पैसों को लेकर तनातनी थी। घटना के दिन विमल नशे में था और उसने पूजा को रास्ते से हटाने का मन बना लिया था। चलती कार में विमल और सोहिल ने मफलर से पूजा का गला घोंटकर उसकी जान ले ली। इस दौरान उनका तीसरा साथी अनिल पहले ही रिठौरा के एक खेत में कब्र तैयार कर चुका था, जहाँ रात के अंधेरे में शव को दफना दिया गया। पूजा राणा: 50 लड़कियों की उम्मीद और घर का सहारा
पूजा राणा महज एक इवेंट मैनेजर नहीं, बल्कि 50 से अधिक लड़कियों के लिए रोजगार का जरिया थीं। दुर्गानगर की रहने वाली पूजा ने मेहनत के दम पर इवेंट इंडस्ट्री में नाम कमाया था। उनकी मौत की खबर मिलते ही उनके साथ काम करने वाली लड़कियों में कोहराम मच गया। रोते हुए लड़कियों ने बताया, “हमारा घर पूजा दीदी की वजह से ही चलता था, अब हमारे सामने अंधेरा छा गया है।”

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *