मशहूर अभिनेत्री ने सरकार पर ठोका 9 करोड़ रुपए का मुकदमा, लगाया गंभीर आरोप, बोलीं- अब वह चुप नहीं बैठूंगी…

मशहूर अभिनेत्री ने सरकार पर ठोका 9 करोड़ रुपए का मुकदमा, लगाया गंभीर आरोप, बोलीं- अब वह चुप नहीं बैठूंगी…

Anila Bisha Voice Cloning Controversy: अल्बानिया की 57 वर्षीय अभिनेत्री अनिला बिशा ने 30 साल तक रंगमंच और सिनेमा की दुनिया में अपनी अदाकारी से नाम कमाया। लेकिन आज वे एक ऐसी ‘परफॉरमेंस’ के साये में जीने को मजबूर हैं, जो उन्होंने कभी दी ही नहीं। दरअसल, वे अल्बानिया की पहली ‘एआइ मंत्री’ बन गई, लेकिन उनकी मर्जी के बिना। अनिला ने अपनी पहचान और इमेज अधिकारों के उल्लंघन के लिए सरकार पर 10 लाख यूरो (लगभग 9 करोड़ रुपए) का मानहानि मुकदमा किया है। वे मामले को मानवाधिकारों की यूरोपीय अदालत तक ले जाने का इरादा रखती हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला ‘डीपफेक’ और ‘एआई एथिक्स’ के क्षेत्र में दुनिया के लिए नजीर बनेगा। सवाल है कि क्या तकनीक किसी जीवित व्यक्ति की आवाज और चेहरे पर कब्जा कर सकती है, वह भी उसकी सहमति के बिना?

एक ‘मदद’ जो मुसीबत बन गई

कहानी की शुरुआत 2025 की शुरुआत में हुई। अनिला ने सरकार के एक ई-सेवा पोर्टल के लिए अपना चेहरा और आवाज देने का अनुबंध किया। उन्होंने घंटों खड़े होकर बिना रुके बात की ताकि ‘वर्चुअल असिस्टेंट’ स्वाभाविक लग सके। ‘दिएला’ नाम का यह बॉट सुपरहिट रहा। इसने लाखों लोगों की मदद की और हजारों दस्तावेज जारी किए। अनिला खुश थीं कि उनकी मेहनत लोगों के काम आ रही है।

जब ‘बॉट’ दिएला को बना दिया ‘मंत्री’

सितंबर 2025 में एक नाटकीय मोड़ आया। प्रधानमंत्री एडी रामा ने घोषणा की कि वे ‘दिएला’ को सार्वजनिक खरीद मंत्री नियुक्त कर रहे हैं। उनका दावा था कि ‘एआइ मंत्री’ होने से सरकारी टेंडरों में 100% भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा। अनिला को डर था कि उनका डिजिटल क्लोन संसद में ऐसी बातें कह सकता है जिनसे वे व्यक्तिगत रूप से कभी सहमत न हों। एक डिजिटल असिस्टेंट तकनीकी जवाब देता है, लेकिन एक मंत्री सत्ता की विचारधारा बोलता है।

‘मंत्री गर्भवती है, 83 बच्चे पैदा करेगी’

अनिला के अनुसार वह पल सबसे अधिक ‘घिनौना’ था जब प्रधानमंत्री एडी रामा ने एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में मजाक में कहा कि दिएला ‘गर्भवती’ है और जल्द ही 83 बच्चों को जन्म देगी, संसद के हर सदस्य के लिए एक एआइ असिस्टेंट पैदा करेगी। इसके बाद अनिला ने तय कर लिया कि अब वह चुप नहीं बैठेगी, यह मामला अब उनके लिए पर्सनल डेटा के उल्लंघन से कहीं अधिक अपनी विचारधारा और मानव अस्मिता का सवाल बन गया है।

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