उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर कड़ा रुख अपनाया है। परिषद की मीडिया सेल ने संज्ञान लिया है कि कुछ असामाजिक तत्व छात्रों को गुमराह करने के लिए फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। बोर्ड ने इन प्रश्नपत्रों को पूरी तरह असत्य, निराधार और शरारतपूर्ण बताया है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने एक नोटिस जारी कर स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियां न केवल छात्रों और अभिभावकों को भ्रमित करने का प्रयास हैं, बल्कि बोर्ड परीक्षा की शुचिता को भी प्रभावित करने की साजिश हैं। नोटिस में सभी परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट या संदिग्ध सूचना पर विश्वास न करें। उन्हें केवल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों से जारी सूचनाओं को ही प्रमाणिक मानना चाहिए।
सचिव ने इन अफवाहों को परीक्षा से पहले छात्रों में अनावश्यक भय और भ्रम पैदा करने का एक सुनियोजित प्रयास बताया। बोर्ड प्रशासन ने ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, साइबर सेल को एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मीडिया से भी अपील की है कि वे अफवाहों के प्रति सजग रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रसारित करें। परिषद ने मीडिया से जनहित में इन सूचनाओं को प्रमुखता से प्रकाशित कर अभिभावकों और छात्रों को जागरूक करने का आग्रह किया है। बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


